
12 जुलाई तक 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य हर हाल में पूरा करें :मंत्री श्री ए.के. शर्मा
HIGHLIGHTS
वृक्षारोपण को जनआंदोलन बनाएं, मंदिरों में प्रसाद के साथ पौधे वितरित करने की अभिनव पहल पर करें विचार
सभी अधिकारी जनसहभागिता के माध्यम से कार्यक्रम को भव्य बनायें तथा एनजीओ, उद्योगों के सहयोग से बड़े पैमाने पर पौधरोपण करें—मंत्री डाo अरुण कुमार सक्सेना
लखनऊ, 07 जुलाई 2026:प्रदेश में वृक्षारोपण महाअभियान-2026 के अंतर्गत 12 जुलाई तक 35 करोड़ पौधरोपण के लक्ष्य को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए आज संगम सभागार, लखनऊ में नगर विकास एवं ऊर्जा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने की। बैठक में वन, पर्यावरण, जन्तु उद्यान एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना भी उपस्थित रहे।

नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक सरकारी कार्यक्रम न रहकर जन-जन का अभियान बनना चाहिए। इसके लिए लोगों को पर्यावरण संरक्षण से भावनात्मक रूप से जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि लगाए गए पौधों का संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना उनका रोपण।मंत्री श्री शर्मा ने सुझाव दिया कि शहरों में अधिक से अधिक ग्रीन कैनोपी विकसित की जाए, जहां घने वृक्षों की छाया में नागरिकों के बैठने एवं विश्राम की समुचित व्यवस्था हो। इससे शहरों का पर्यावरण बेहतर होगा और नागरिकों को हरित एवं स्वच्छ सार्वजनिक स्थल उपलब्ध होंगे।

मंत्री श्री शर्मा ने एक अभिनव सुझाव देते हुए कहा कि जिस प्रकार मंदिरों में श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाता है, उसी प्रकार पर्यावरण विभाग मंदिरों को पौधे उपलब्ध कराए, ताकि श्रद्धालुओं को प्रसाद के साथ एक पौधा भी मिले। श्रद्धा के साथ घर ले जाकर लोग उन पौधों का रोपण एवं संरक्षण करेंगे और वृक्षारोपण अभियान स्वतः जनआंदोलन का रूप ले लेगा।
श्री शर्मा ने यह भी कहा कि प्रमुख चौराहों, पार्कों एवं सार्वजनिक स्थलों पर “यहाँ निःशुल्क पौधे उपलब्ध हैं” जैसे सूचना बोर्ड लगाकर विभिन्न प्रजातियों के पौधे उपलब्ध कराए जाएं, ताकि नागरिक अपनी सुविधा से पौधे प्राप्त कर अपने घरों, संस्थानों एवं मोहल्लों में उनका रोपण कर सकें।
उन्होंने पर्यावरण विभाग को निर्देशित किया कि वितरण हेतु फलदार, औषधीय, छायादार एवं अन्य उपयोगी प्रजातियों के पौधों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, जिससे लोगों में पौधरोपण के प्रति स्वाभाविक रुचि एवं उत्साह बढ़े।श्री शर्मा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण भविष्य की पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। यदि समाज, सरकार और सभी विभाग मिलकर इस अभियान को जनभागीदारी से जोड़ेंगे, तो उत्तर प्रदेश हरित एवं स्वच्छ प्रदेश बनने की दिशा में एक नया कीर्तिमान स्थापित करेगा।