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महिला को थप्पड़ पड़ा भारी! DCP संदीप लांबा पर गिरी गाज!

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महिला को थप्पड़ पड़ा भारी!
DCP संदीप लांबा पर गिरी गाज!

INDIA LIVE: दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP यानी कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान हुई एक घटना ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में दिल्ली पुलिस के डीसीपी संदीप लांबा एक महिला को थप्पड़ मारते हुए दिखाई दिए। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई। अब इस मामले में बड़ा मोड़ आ गया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है और पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।

दरअसल, जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन चल रहा था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। इसी दौरान कैमरे में एक वीडियो रिकॉर्ड हुआ, जिसमें डीसीपी संदीप लांबा एक महिला को थप्पड़ मारते हुए दिखाई दिए। यह वीडियो कुछ ही घंटों में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इसके बाद कई सामाजिक संगठनों, विपक्षी नेताओं और आम लोगों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। लोगों का कहना है कि यदि कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है, तो पुलिस को भी कानून के दायरे में रहकर ही कार्रवाई करनी चाहिए।

मामला दिल्ली हाईकोर्ट तक पहुंचा, जहां इस घटना को लेकर याचिका दाखिल की गई। सुनवाई के दौरान अदालत ने दिल्ली पुलिस से पूछा कि आखिर ऐसी स्थिति क्यों बनी और एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी द्वारा महिला के साथ इस तरह का व्यवहार क्यों किया गया। हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है और यह भी पूछा है कि संबंधित अधिकारी के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि किसी पुलिस अधिकारी ने नियमों का उल्लंघन किया है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

उधर, दिल्ली पुलिस ने भी इस मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी है। जांच पूरी होने तक डीसीपी संदीप लांबा की भूमिका की समीक्षा की जा रही है। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो के साथ-साथ मौके के सभी सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जाएगी ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके। वहीं CJP के नेताओं का कहना है कि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण था और पुलिस ने जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया। उन्होंने संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है। एक पक्ष पुलिस की कार्रवाई का समर्थन कर रहा है, जबकि दूसरा पक्ष इसे महिलाओं के अधिकारों और पुलिस जवाबदेही का मामला बता रहा है। अब सबकी नजर दिल्ली हाईकोर्ट की अगली सुनवाई और दिल्ली पुलिस की जांच रिपोर्ट पर है। अगर जांच में अधिकारी की गलती साबित होती है, तो उनके खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल यह मामला केवल एक वायरल वीडियो तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पुलिस की जवाबदेही और कानून के समान पालन पर एक बड़ी बहस बन चुका है।

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