
पुलिस एक्शन पर अदालत की नज़र, संसद मार्च मामले में कल सुनवाई
INDIA LIVE: राजधानी दिल्ली में हाल ही में हुए संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच हुई तीखी झड़प का मामला अब पूरी तरह से न्यायिक प्रक्रिया के घेरे में आ चुका है। जंतर-मंतर से संसद भवन की ओर बढ़े जुलूस पर हुए कथित पुलिस लाठीचार्ज, आंसू गैस के इस्तेमाल और बल प्रयोग के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सर्वोच्च न्यायालय में कल एक बेहद अहम सुनवाई होने जा रही है।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ इस पूरे मामले पर सुनवाई करेगी। अदालत का यह रुख ऐसे समय में सामने आया है जब एक तरफ प्रदर्शनकारी छात्र और नागरिक संगठन पुलिस की “बर्बरता” और कानून के उल्लंघन का आरोप लगा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बल कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती का हवाला दे रहे हैं।

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प्रदर्शन का आह्वान: नीट (NEET) और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर युवाओं और छात्र संगठनों द्वारा संसद मार्च का आयोजन किया गया था।
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निषेधाज्ञा का उल्लंघन: दिल्ली पुलिस के अनुसार, संसद मार्ग और लुटियंस ज़ोन में धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू थी और मार्च की अनुमति नहीं दी गई थी।
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झड़प और लाठीचार्ज: प्रदर्शनकारियों के बैरिकेड तोड़ने और आगे बढ़ने की कोशिश के बाद पुलिस ने बल प्रयोग किया। इस दौरान आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज हुआ, जिसमें कई प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी घायल हुए।