
मातृशक्ति के सम्मान और स्वाभिमान का ऐतिहासिक कदम है ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृ शक्ति यात्रा’ योजना : मंत्री श्री ए.के. शर्मा
मातृशक्ति के सम्मान और स्वाभिमान का ऐतिहासिक कदम है ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृ शक्ति यात्रा’ योजना : मंत्री श्री ए.के. शर्मा
- HIGHLIGHTS
- 60 वर्ष से अधिक आयु की माताओं-बहनों को परिवहन निगम की साधारण बसों में आजीवन निःशुल्क यात्रा की सुविधा
- मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में मातृशक्ति के सम्मान और सशक्तीकरण को मिल रही नई गति : श्री ए.के. शर्मा
- योजना से प्रदेश की लगभग 81 लाख वरिष्ठ माताओं-बहनों को मिलेगा लाभ, प्रतिदिन 88 हजार से अधिक महिलाओं को सीधा लाभ मिलने का अनुमान
- ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की वरिष्ठ महिलाओं के लिए वरदान साबित होगी योजना: श्री ए के शर्मा
लखनऊ, 26 अगस्त 2026: नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने आज टाउन हॉल, मऊ में मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृ शक्ति यात्रा’ योजना के शुभारंभ कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देखा और उपस्थित लोगों को संबोधित किया। उन्होंने इस ऐतिहासिक एवं जनकल्याणकारी पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना प्रदेश की मातृशक्ति के सम्मान, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है।
श्री ए.के. शर्मा ने कहा कि महान लोकमाता अहिल्याबाई होलकर जी ने नारी नेतृत्व, लोककल्याण और सुशासन का जो आदर्श प्रस्तुत किया, उसी प्रेरणा को आगे बढ़ाते हुए यह योजना शुरू की गई है। यह लोक कल्याण संकल्प पत्र-2022 के ‘सशक्त नारी’ संकल्प को पूरा करने की दिशा में डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।उन्होंने बताया कि योजना के तहत 60 वर्ष एवं उससे अधिक आयु की सभी पात्र माताओं-बहनों को परिवहन निगम की साधारण बसों में आजीवन निःशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी। एक बार पात्रता निर्धारित होने के बाद जीवनभर इस सुविधा का लाभ लिया जा सकेगा। यह किसी विशेष पर्व या अवसर तक सीमित सुविधा नहीं, बल्कि वर्षभर और प्रतिदिन उपलब्ध रहने वाली स्थायी जनसुविधा है।

मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि पात्रता के लिए आधार कार्ड अथवा वोटर आईडी में दर्ज जन्मतिथि को आधार बनाया जाएगा। पात्र महिलाओं को परिवहन निगम की ओर से विशेष स्मार्ट कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा। बस में स्मार्ट कार्ड टैप करते ही शून्य मूल्य का टिकट जारी हो जाएगा। यह सुविधा पूरे उत्तर प्रदेश में किसी भी बस स्टेशन से किसी भी गंतव्य तक मान्य होगी।उन्होंने कहा कि डिजिटल स्मार्ट कार्ड व्यवस्था से प्रत्येक निःशुल्क यात्रा का रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा, जिससे व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी और रिसाव रहित बनेगी। योजना का पूरा व्यय राज्य सरकार वहन करेगी और माताओं-बहनों से इसके लिए एक भी रुपया नहीं लिया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2026-27 में योजना के लिए अनुपूरक बजट के माध्यम से 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। श्री शर्मा ने बताया कि जनगणना 2011 के अनुसार प्रदेश में 60 वर्ष से अधिक आयु की लगभग 81 लाख माताएं बहने इस योजना की संभावित लाभार्थी है। प्रतिदिन लगभग 88000 से अधिक वरिष्ठ माता बहनों को इसका सीधा लाभ मिलने का अनुमान है।

उन्होंने कहा कि अब हमारी माताएं-बहनें बिना यात्रा खर्च की चिंता के तीर्थाटन, चिकित्सा, सामाजिक आयोजनों और परिजनों से मिलने के लिए स्वतंत्र रूप से यात्रा कर सकेंगी। इससे उनकी गतिशीलता बढ़ेगी, सामाजिक सहभागिता मजबूत होगी और आर्थिक रूप से उनका सशक्तीकरण होगा।लोकमाता अहिल्याबाई मातृ शक्ति यात्रा’ योजना अन्त्योदय की भावना के अनुरूप समाज के अंतिम पायदान तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का सशक्त उदाहरण है।उन्होंने कहा कि मातृशक्ति के सम्मान और सशक्तीकरण की यह पहल विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को और मजबूती प्रदान करेगी।
इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री आनंद वर्धन, पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश बहादुर,अन्य जिलास्तरीय अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में माताएं एवं बहने उपस्थित रहीं।