
घाघरा नदी उफान पर: बढ़ा बाढ़ का खतरा, तटवर्ती इलाकों में अलर्ट।
WEATHER ALERT: घाघरा नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी से तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। नदी के उफान पर आने से आसपास के गांवों और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई गई है।
जलस्तर बढ़ने के साथ खेतों और संपर्क मार्गों पर भी पानी पहुंचने की आशंका है। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर रहने तथा नदी के किनारे जाने से बचने की सलाह दी जा रही है। राहत एवं बचाव दलों को भी आवश्यक तैयारियां रखने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन एवं राहत टीमों से संपर्क करें। घाघरा नदी का बढ़ता जलस्तर आने वाले घंटों में स्थिति को और गंभीर बना सकता है।
- बाराबंकी: केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, मंगलवार सुबह नौ बजे घाघरा नदी का जलस्तर 106.550 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 48 से 49 सेंटीमीटर ऊपर है। नदी का पानी लगातार बढ़ रहा घाघरा है, जिससे रामनगर और सूरतगंज क्षेत्र के कई गांवों और खेतों में पानी भर गया है।
- गोंडा और बहराइच: नेपाल के बैराजों से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण गोंडा, बहराइच और आसपास के तटीय इलाकों में नदियां उफान पर हैं। गोंडा में तरबगंज तहसील के कई गांवों में बाढ़ का पानी घुसने से पांच हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं, जिनके आवागमन के लिए नावें चलाई जा रही हैं।