
हिंदू खतरे में’ के नारे पर सियासत तेज, ‘वोट चोरी’ के आरोप से गरमाई राजनीति
INDIA LIVE: देश की राजनीति में एक बार फिर हिंदू, वोट और चुनाव को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी की एक जनसभा में बीजेपी पर तीखा हमला बोला गया और चुनाव में वोट चोरी का आरोप लगाया गया।
जनसभा को संबोधित करते हुए वक्ता ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री, गृह मंत्री, वित्त मंत्री और कई राज्यों के मुख्यमंत्री समेत बड़ी संख्या में बड़े संवैधानिक और राजनीतिक पदों पर हिंदू नेता हैं। ऐसे में अगर बार-बार ये कहा जाता है कि हिंदू खतरे में हैं, तो इसे चुनावी राजनीति से जोड़कर देखा जाना चाहिए।
भाषण में आरोप लगाया गया कि असल खतरा हिंदुओं को नहीं, बल्कि बीजेपी के वोटों को है। इसके बाद चुनाव में कथित गड़बड़ी को लेकर भी बड़ा हमला बोला गया। भाषण में कहा गया कि देश में पहले साइकिल चोर, मोटरसाइकिल चोर और चंदा चोर जैसे शब्द सुनने को मिलते थे, लेकिन अब एक नया शब्द सामने आया है—‘वोट चोर’। यहां चुनाव में वोटों को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए। वक्ता ने दावा किया कि चुनाव में करीब 13 करोड़ 37 लाख वोट चोरी किए गए। हालांकि, यह एक राजनीतिक आरोप है और ऐसे दावे की पुष्टि के लिए चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों और संबंधित रिकॉर्ड को देखना जरूरी है।
भाषण में बीजेपी के उस राजनीतिक दावे पर भी निशाना साधा गया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मजबूत नेतृत्व वाली छवि को लेकर बात की जाती है।
वक्ता ने अपने भाषण में कहा कि देश की जनता को ऐसे राजनीतिक दावों और देशभक्ति के नाम पर होने वाली राजनीति से सावधान रहना चाहिए।
इसके बाद मुद्दा सीधे आम लोगों की रोजमर्रा की परेशानियों से जोड़ दिया गया। जनसभा में कहा गया कि जनता के लिए असली सवाल रोजगार का है।
युवाओं को नौकरी चाहिए। बच्चों के लिए अच्छे स्कूल चाहिए। इलाज के लिए बेहतर अस्पताल चाहिए। लोगों को अच्छी सड़कें चाहिए। घरों में बिजली और पानी चाहिए।यानी भाषण में राजनीतिक बहस को सीधे जनता के बुनियादी मुद्दों से जोड़ने की कोशिश की गई।
आम आदमी पार्टी की तरफ से कहा गया कि अगर लोग रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और पानी जैसे मुद्दों पर राजनीति चाहते हैं तो उन्हें पार्टी के साथ जुड़ना चाहिए। अब इस पूरे बयान को चुनावी राजनीति के नजरिए