
अधिकारियों के साथ मीटिंग के बाद लिया जाएगा निर्णय
कानपुर : छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय में बीएससी नर्सिंग के छह कालेजों के सैकड़ों छात्रों ने धरना दिया। छात्रों ने परीक्षा कराने को लेकर रजिस्ट्रार ऑफिस का घेराव भी किया। छात्र अपनी मांगों को लेकर वॉइस चांसलर से मिलने को काफी देर अड़े रहे। लेकिन मुलाक़ात नहीं हो सकी।
कोरोना महामारी के फैलने से देश की सारी व्यवस्थाएं पूरी तरह से चौपट हो चुकी हैं। छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सभी शिक्षण संस्थानों से ऑनलाइन कक्षाएं चलाने को लेकर पहल की। लेकिन सरकार की ये ऑनलाइन शिक्षा की पहल पूरी तरह से कामयाब नहीं हो पाई। छात्रों का कहना है कि महामारी के दौर में ही अंतिम वर्ष के छात्रों को छोड़ कर प्रथम,द्वितीय और तृतीय वर्ष के सभी छात्रों को प्रमोट कर देने का आवश्वासन देने के बावजूद अचानक से विश्वविद्यालय ने सभी कक्षाओं की परीक्षा कराने की तिथि निर्धारित कर दी। परीक्षा की तिथि के निर्धारण से नाराज छात्रों ने सैकड़ों की संख्या में इकट्ठे होकर विश्वविद्यालय परिसर में गुरुवार धरना प्रदर्शन किया।
वहीं छात्रों का कहना है कि ऑनलाइन कक्षाओं में उनको कई तरह की मुसीबतों का सामना करना पड़ा है और छात्र पूरी तरह से परीक्षा देने के लिए तैयार नहीं हैं। साथ ही छात्रों का ये भी कहना है कि परीक्षा ही कराना था तो पहले प्रमोट करने का आश्वासन क्यों दिया। वहीं प्रदेश के बरेली, लखनऊ और अन्य प्रदेशों एमपी,राजस्थान जैसे कई विश्वविद्यालयों में छात्रों को प्रमोट किया गया है तो कानपुर विश्वविद्यालय के ही छात्रों के साथ भेदभाव आखिर क्यों।
परीक्षा नियंत्रक ज्ञानेंद्र शुक्ला का कहना है कि परीक्षा की तिथि अभी निर्धारित नहीं की गई है। नर्सिंग कॉलेजों ने लिखित में दिया है कि उन्होंने सारा कोर्स करा दिया है। जल्द परीक्षा कराई जाए। विभिन्न नर्सिंग कॉलेजों के छात्र आज अपनी समस्या लेकर उनके पास आए हैं। छात्रों का कहना है कि छात्रों को अन्य कालेजों से प्रमोट किया गया है। जो छात्र प्रमोट किए गए हैं वह सर्टिफिकेट कोर्सेज करने वाले छात्र हैं न कि डिग्री कोर्सेज करने वाले छात्र। उनकी समस्याओं के निस्तारण के लिए अधिकारियों के साथ मीटिंग की जाएगी जिसके बाद जो भी निर्णय लिया जाएगा उसकी जानकारी छात्रों को एक हफ्ते में दे दी जाएगी।