diwali horizontal

ऐसी ममतामयी महिला डाक्टर के मातृत्व को नमन,उसकी दृढ़ शक्ति सोये समाज को जगाने का एक सफल प्रयास साबित होगी

0 190

उन्नाव : दया और ममता समाज के दो ऐसे दर्पण है जो मानव जाति को महान बनाने के लिये एक सफलता की सीढ़ी साबित होते है अगर एक डाॅक्टर के अंदर दया न हो तो वह समाज के निर्बल और असहाय लोगों का इलाज पूरी इमानदारी से नहीं कर सकता है एक ताजा मामला जो इंसानियत के लिये एक मिसाल साबित होगा आपको हम बतादे कि एक निर्मोही मां ने जन्म देते ही जुडवाॅं बेटियों को ठुकराया तो उस महिला का इलाज करने वाली अविवाहित महिला डाक्टर कोमल यादव नें उन्हें अपना लिया अस्पताल प्रबंधन ने डाक्टर कोमल यादव को समझाया कि ये बच्चियाॅं आनें वाले समय में उनके जीवन को प्रभावित कर सकतीं हैं मगर उस ममतामई डाक्टर कोमल यादव ने किसी की भी बात नहीं सुनी और अपनी अंतर्रात्मा की आवाज पर सारी औपचारिकताऍं पूरी करते हुए अपना लिया.

.जब इन बच्चियों को अपने साथ लेकर अपनें गाॅंव पहुंचीं तो पूरे गाॅंव वालों नें डाक्टर कोमल यादव को हाॅंथों हाॅंथ लिया.बेटी बचाने की ऐसी अद्भुत मिसाल पेश की,डाक्टर कोमल यादव सीताराम यादव की 29 वर्षीय अविवाहित बेटी हैं..जो वर्तमान में फर्रुखाबाद के एक निजी अस्पताल में कार्यरत हैं..डाक्टर कोमल यादव के अनुसार एक महिला ने 10 दिन पहले, इन दोनों जुडवाॅं बेटियों को जन्म दिया था..डाक्टर कोमल यादव का कहना है कि वो भविष्य में उसी व्यक्ति से शादी करेंगी जो इन जुड़वाॅं बच्चियों को अपनाएगा,ऐसी मात्र शक्ति को दिल से नमन।

Leave A Reply

Your email address will not be published.