
लखनऊ : तालकटोरा थाना क्षेत्र के अशरफ नगर मे रहने वाले दहेज लोभी सुसराली जनो ने आठ माह पूर्व लाकडाउन की अवधि मे ब्याह कर लाई गई नव विवाहिता को अपने घर मे जला कर हत्या कर दी और मायके वालो को फोन कर कहा गया कि आओ तुम्हे तोहफा देंगे । मायके के लोग जब बेटी की सुसराल पहुॅचे तो ताला लगे कमरे के अन्दर कम्बल मे लिप्टी हुई बेटी की जली हुई लाश मिली । मृतिका के मुंह से झाग भी निकल रहा था। मृतिका के पिता द्वारा पति सास ससुर समेत 6 लोगो के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया तो पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के कुछ घण्टो के अन्दर ही सभी 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। 8 माह पूर्व लाल जोड़े मे रूखसत होकर सुसराल गई बेटी को उसके माता पिता कम्बल मे लेट के मृत अवस्था में वापस लाए । दहेज लोभी सुसराली जनो द्वारा बेटी पक्ष को दिया जाने वाला ये ऐसा दुख है जिसे बेटी के माता पिता के लिए सहन करना आसान नही होता है बेटी की जली हुई लाश जिसने भीदेखी वो सिहर कर रह गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार मज़ूदरी करने वाले मोहम्मद चाॅद अपने परिवार के साथ सआदतगंज थाना क्षेत्र के लकड़मंडी मे रहते है उनकी चार बेटिया है। मोहम्मद चाॅद की 25 वर्षीय पुत्री दरखशां बानो उर्फ ज़ोया का विवाह 5 जून 2020 को लाक डाउन की अवधि में अशरफ नगर तालकटोरा के रहने वाले मुन्ने खां के पुत्र शादाब उर्फ शानू के साथ हुआ था । शानू कांपी किताबो की बाईन्डिंग का काम करता है। मंगलावार की रात शानू द्वारा अपनी सास फिरदौस बानो को काल कर कहा गया कि घर आओ तुम्हारे लिए तोहफा रख्खा है आकर ले जाओ । फिरदौस अपने दामाद की बात सुन कर हैरान रह गई और अपने पति के साथ बेटी ज़ोया की सुसराल पहुॅची तो ज़ोया के कमरे मे बाहर से ताला लगा हुआ था कमरे का ताला सुसराली जनो द्वारा खोला गया तो कमरे के अन्दर कम्बल मे लिप्टी हुई ज़ोया की लाश देख कर ज़ोया के माता पिता घबरा गए । ज़ोया के माता पिता की चीख सुन कर आसपास के लोग भी आ गए
सूचना पुलिस को दी गई तो तालकटोरा पुलिस मौके पर पहुॅची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतिका ज़ोया के पिता मोहम्मद चांॅद की तहरीर पर ज़ोया के पति शादाब उर्फ शानू, ससुर मुन्ने खा सास साजदा, ननद जूही नन्दोई इज़हार और देवर आफताब के खिलाफ दहेज हत्या समेत अन्य गम्भीर धाराओ मे मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने सभी 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मृतिका ज़ोया की मंा फिरदौस का कहना है कि लाकडाउन में शादी हुई थी लेकिन बावजूद इसके उन्होने अपनी सामर्थ के अनुसार अपनी बेटी को दहेज दिया था लेकिन उनका दामाद शादाब मोटर साईकिल के अलावा दस लाख रूपए की मांग कर रहा थ