
लखनऊ : देशभर में कोरोना संक्रमण से कोहराम मचा हुआ है। कोरोना संकट पर प्रधानमंत्री मोदी ने 10 राज्यों के मुख्यमंत्रियों और 54जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर समीक्षा की। बैठक में बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी हिस्सा लिया। बैठक में पीएम मोदी ने कोरोना से बचाव हेतु समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक के उपरांत सीएम ममता बनर्जी ने पत्रकार वार्ता आयोजित कर प्रधानमंत्री मोदी पर जमकर निशाना साधा। प्रेस वार्ता में ममता ने पीएम मोदी पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि, बैठक में सिर्फ भाजपा के कुछ मुख्यमंत्रियों ने ही अपनी बात रखी, बाकी सभी मुख्यमंत्री चुपचाप बैठे रहे। यहां तक कि मैं भी अपनी बात नहीं बोल पाई। उन्होंने कहा कि, उन्होंने अपनी बात रखने के लिए डीएम को नहीं भेजा ताकि वह स्वयं दवाओं और टीकाकरण की मांग रख सकेंगी, लेकिन मुझे बोलने ही नहीं दिया गया।
ममता बनर्जी ने केंद्र पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि, राज्य में वैक्सीन की भारी कमी है। हम तीन करोड़ टीके की मांग रखने वाले थे, लेकिन कुछ बोलने नहीं दिया गया। इस महीने 24 लाख वैक्सीन देने का वादा किया गया था, लेकिन सिर्फ 13 लाख वैक्सीन दी गईं। वैक्सीन की कमी के कारण कई टीकाकरण केंद्रों को बंद करना पड़ा है। उन्होंने आगे कहा कि, केंद्र सरकार ने राज्य में मांग के मुताबिक वैक्सीन नहीं भेजी इसलिए टीकाकरण की रफ्तार सुस्त पड़ी है। इसके बावजूद राज्य सरकार ने 60 हजार करोड़ रुपये की वैक्सीन निजी स्तर पर खरीदी है। केंद्र सरकार ने कहीं न कहीं संघीय ढांचे को नुकसान पहुंचाया है। ऑक्सीजन, दवाई, वैक्सीन कुछ भी उपलब्ध नहीं है। बंगाल को रेमडेसिविर इंजेक्शन भी नहीं दी गई, पीएम मोदी मुंह छुपाकर भाग गए।