
यूनिसेफ़ की अगुवायी में कोविड वैक्सीन पर ऑनलाइन हुआ अभिमुखीकरण
बहराइच : युवाओं की अग्रणी संस्था नेहरू युवा केंद्र अब नवजवानों को कोविड वैक्सीन के लिए जागरूक करेगा । इसके लिए यूनिसेफ़ की अगुवायी में कार्यकर्ताओं का ऑनलाइनअभिमुखीकरण किया गया । कार्यक्रम की शुरुआत करते हुये नेहरू युवा केंद्र की अधिकारी कोमल ने बताया कि युवाओं में कोविड वैक्सीन के प्रति उदासीनता का कारण एक ऐसी भ्रांति है जिसमें उन्हे लगता है कि कोविड संक्रमण वृद्ध जन, कमजोर और गंभीर रोगों से पीड़ित व्यक्तियों को ही हो सकता है। जबकि यह सोच पूरी तरह से निरधार है।
उन्होने बताया कि ऐसे कई उदाहरण हैं जब बुजुर्ग माता -पिता ने अपने जवान बेटे को कोविड संक्रमण की वजह से खो दिया वहीं कई मासूमों के युवा माता-पिता नहीं रहे । ऐसे में यह भ्रम नहीं पालना चाहिए कि युवा होने के कारण संक्रमण नहीं हो सकता । उन्होने बताया कि कोविड संक्रमण से बचाव का सबसे सही उपाय कोविड प्रोटोकाल और टीकाकरण है। इसलिए 18 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी व्यक्तियों को कोविड वैक्सीन की दोनों खुराक अवश्य लगवानी चाहिए । उन्होने बताया कि नेहरू युवा केंद्र के जनपद में कुल 32 वालेंटियर हैं जिनकी पहुँच सभी ब्लाकों तक है । इनके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में गठित युवाओं के समूहों को कोविड टीकाकरण के लिए जागरूक किया जाएगा ।
यूनिसेफ के डीएमसी तहरीम सिद्दीकी ने बताया कि समुदाय में कोविड टीकाकरण को लेकर अक्सर पूंछे जाने वाले सवाल जैसे क्या गर्भवती महिलायें टीका लगवा सकती हैं? इसके जवाब में उन्होने कहा कि सरकार की तरफ से जब तक कोई गाइड लाइन नहीं आती तब तक गर्भवती महिलायें कोविड का टीका नहीं लगवा सकती लेकिन स्तनपान कराने वाली धात्री महिलाएं कोविड का टीका अवश्य लगवा सकती हैं। दूसरा सवाल क्या बच्चों के लिए टीका आया है? इसके जवाब में उन्होने कहा कि 18 साल से कम आयु के लिए अभी कोविड का टीका नहीं उपलब्ध है, जबकि 18 साल या उससे अधिक उम्र के सभी व्यक्तियों के लिए टीका उपलब्ध है । एक सवाल कि कोविड शील्ड और को –वैक्सीन में कौन सी बेहतर है? के बारे में उन्होने बताया कि दोनों वैक्सीन भारत में बनी हैं और दोनों ही प्रभावशाली और सुरक्षित हैं। कुछ लोगों के मन में शंका रहती है कि जिन्हे कोविड हो चुका है क्या उन्हे वैक्सीन लगवानी चाहिए? इसके जवाब में उन्होने बताया कि कोविड से संक्रमित व्यक्ति स्वस्थ होने के बाद आरटीपीसीआर की जांच रिपोर्ट में निगेटिव आने के तीन माह बाद कोविड वैक्सीन लगवा सकता है ।
इस मौके पर यूनिसेफ के डीएमसी संदीप सक्सेना ने नेहरू युवा केंद्र के सभी वालेंटियरस से कोविड प्रोटोकाल पर चर्चा की । इस पूरे कार्यक्रम में डिप्टी डीएचईआईओ बृजेश सिंह का अतुलनीय योगदान रहा ।