
उन्नाव : आज जिलाधिकारी रवींद्र कुमार द्वारा विकास खण्ड सफीपुर के ग्राम जमुलद्दीनपुर में अस्थायी गौशाला का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उपस्थित सचिव से गोवंशों की संख्या के सम्बंध में जानकारी करने पर 49 की संख्या बताई गयी। उपलब्ध गोवंशों की गिनती करने पर 45 पाई गयी 4 गोवंश की संख्या कम पाये जाने पर उपस्थित सचिव कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। जिलाधिकारी द्वारा उपस्थित खण्ड विकास अधिकारी सफीपुर को निर्देशित किया गया कि वह स्वयं इसकी जांच करें कि संरक्षित गोवंशों के सापेक्ष कितने गोशों के भरण-पोषण हेतु धनराशि निकाली जा रही है। जिलाधिकारी ने कहा मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, उन्नाव को भी निर्देशित किया जाता है कि वह उक्त के सम्बंध में सम्बंधित पशु चिकित्साधिकारी का 03 दिन के अन्दर स्पष्टीकरण प्राप्त कर मेरे समक्ष प्रस्तुत करें।

इसके अतिरिक्त संरक्षित गोवंश के सापेक्ष यदि अधिक गोदशों के भरण-पोषण हेतु धनराशि निकाली जा रही हो तो सम्बंधित का उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए वसूली की कार्यवाई प्रारम्भ करें। गोशाला से सम्बंधित रजिस्टर के सम्बंध में उपस्थित सचिव से जानकारी की गयी। सचिव रजिस्टर नहीं दिखा सके। ग्राम: प्रधान व केयर टेकर के सम्बंध में जानकारी करने पर भूसा लेने हेतु जाना बताया गया।भूसा रखने से सम्बंधित स्थल के सम्बंध में जानकारी करने पर उपस्थित सचिव द्वारा भूसा गोशाला के निकट स्थित प्राथमिक विद्यालय के एक कक्ष में रखा होना बताया गया।
जिलाधिकारी ने कहा यह स्थिति नितान्त आपत्तिजनक है। उपस्थित खण्ड विकास अधिकारी, सफीपुर को निर्देशित किया गया कि वह भूसे के स्टोर हेतु गोशाला में पृथक से कक्ष का निर्माण कराये तथा उत्तमें ही भूसा स्टोर किया जाए। गोवंशों हेतु पीने के लिए पानी के सम्बंध में जानकारी करने पर सबमर्सिबल लगा होना बताया गया।गोवंशों हेतु बने शेड में त्रिपाल की व्यवस्था पाई गयी। गोशाला परिसर में ए०एन०एम० सेण्टर बना होना पाया गया। जिसके सम्बंध में जानकारी करने पर 2008 में बनना बताया गया। निरीक्षण के दौरान ए०एन०एम० सेण्टर अत्यन्त क्षतिग्रस्त पाया गया है। जिलाधिकारी ने कहा मुख्य चिकित्साधिकारी, उन्नाव को निर्देशित किया जाता है कि वह स्वयं उक्त सेण्टर का निरीक्षण करके इस सम्बंध में आवश्यक कार्यवाई सुनिश्चित करें। निरीक्षण के दौरान साथ में खण्ड विकास अधिकारी, सफीपुर उपस्थित रहे।