
लखनऊ : राजधानी के एसजीपीजीआई में बीती रात छुट्टी के बाद स्टाफ नर्सों की चेकिंग के बाद हंगामा खड़ा हो गया। ड्यूटी के बाद देर रात घर जा रहीं स्टाफ नर्सों को संस्थान के सुरक्षाकर्मी गाड़ी से उतारकर तलाशी लेने लगे। चेंकिंग को अपना अपमान बताकर स्टाफ नर्स सुरक्षाकर्मियों से भिड़ गईं। एसजीपीजीआई में स्टाफ नर्स एसोसिएशन की अध्यक्ष सीमा शुक्ला ने सुरक्षाकर्मियों से लिखित आदेश दिखाने को कहा तो जवानों ने ऊपर से आदेश मिलने की बात कही। सुरक्षाकर्मियों ने कहा कि संस्थान से कई बार कीमती सामान चोरी हो चुका है। इसलिए घर जाते समय सभी की चेकिंग करने का आदेश दिया गया है
इस पर स्टाफ नर्स सीमा शुक्ला सहित तमाम महिला व पुरुर्ष नर्सिंग स्टाफ ने चेकिंग में भेदभाव होने और सहयोगी स्टाफ का अपमान करने का आरोप लगाया। यह सभी नर्सें पीजीआई में बनाए गए कोविड अस्पताल में तैनात हैं। सीमा शुक्ला ने मौके पर प्रोफेसर फणीश बॉस से फोन पर बात स्टाफ नर्सों की चेकिंग का विरोध करते हुए नाराजगी जताई
आरोप है कि प्रोफेसर फणीश बॉस ने सुरक्षाकर्मियों का समर्थन करते हुए सभी स्टाफ नर्स की गाड़ियां चेक कराने को कहा। संस्थान प्रशासन की इस मौखिक आदेश से स्टाफ नर्सों में गुस्सा है। आरोप है कि बड़े डाॅक्टरों और प्रशासनिक अधिकारियों की कोई चेकिंग नहीं होती, जबकि कई बार डाक्टर चोरी का सामान ले जाते हुए पकड़े गए हैं
चोर की तरह ट्रीट की जा रहीं स्टाफ नर्स : सीमा शुक्ला
सीमा शुक्ला ने कहा कि एसजीपीजीआई में छोटे डाक्टरों और स्टाफ नर्सों को शक की निगाह से देखा जा रहा है। उन्हें एक चोर की तरह ट्रीट किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार मंगलवार देर रात जब स्टाफ नर्स संस्थान की बस में बैठकर हाॅस्टल जाने लगीं तो सुरक्षाकर्मियों ने सभी नर्सों को सामान लेकर नीचे उतरने को कहा। पूछने पर बताया कि सभी की चेकिंग होगी। इस पर नर्सें भड़क उठी और सुरक्षाकर्मियों से बहस करने लगीं