
एलडीए के खाली प्लॉट की फर्जी रजिस्ट्री कर ठगी करने वाला शातिर अभियुक्त गिरफ्तार
लखनऊ: राजधानी में एलडीए के खाली पड़े प्लॉटों की कूटरचित रजिस्ट्री और फर्जी दस्तावेजों के जरिए आम नागरिकों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर अभियुक्त को एसटीएफ लखनऊ और गोमतीनगर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्त का नाम सुशील मिश्रा है, जो विनम्र खंड, थाना विभूतिखंड लखनऊ का रहने वाला है और उसकी उम्र लगभग 28 वर्ष है।
गिरफ्तारी 2 मई की शाम गोमतीनगर के दयाल पैराडाइस चौराहा के पास से की गई। पुलिस को काफी समय से उसकी तलाश थी। सुशील मिश्रा उस गिरोह का हिस्सा है, जो एलडीए द्वारा आवंटित किए गए परंतु वर्षों से खाली पड़े प्लॉटों की पहचान कर उनके फर्जी दस्तावेज तैयार करता था। इसके बाद उन प्लॉटों को असली रजिस्ट्री के तौर पर दिखाकर बेच दिया जाता था। प्लॉट बेचने के बाद प्राप्त धनराशि को गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे। सुशील मिश्रा की भूमिका प्लॉटों की पहचान कर पार्टी तलाशने और उन्हें दिखाकर सौदे कराने की थी।इस मामले में थाना गोमतीनगर पर 28 मार्च को एसटीएफ मुख्यालय लखनऊ के निरीक्षक हेमंत भूषण की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर में कुल आठ अभियुक्त नामजद किए गए थे। इनमें छह की पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी है जबकि सुशील मिश्रा और अवनीश सिंह उर्फ सिंकू फरार चल रहे थे। अब सुशील की गिरफ्तारी से पुलिस को बड़ी राहत मिली है और उसके बाकी साथियों तथा अन्य ठगी मामलों की भी जांच तेज कर दी गई है।गिरफ्तार अभियुक्त सुशील मिश्रा के खिलाफ थाना गोमतीनगर में पहले से ही कई मुकदमे दर्ज हैं। इनमें धोखाधड़ी, जालसाजी और धमकी देने जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं। पुलिस उसके आपराधिक इतिहास की और भी जानकारी जुटा रही है, साथ ही फरार अभियुक्त की तलाश में दबिशें जारी हैं।
