
विदेश मंत्री जयशंकर पर प्रमोद तिवारी का तीखा हमला, कहा– पाकिस्तान को हमले की सूचना देकर चूके आतंकियों को बच निकलने का मौका राज्यसभा उपनेता ने की विदेश मंत्री की बर्खास्तगी की मांग, कहा– सेना के पराक्रम को कमजोर करने का गंभीर आरोप
विदेश मंत्री जयशंकर पर प्रमोद तिवारी का तीखा हमला, कहा– पाकिस्तान को हमले की सूचना देकर चूके आतंकियों को बच निकलने का मौका
राज्यसभा उपनेता ने की विदेश मंत्री की बर्खास्तगी की मांग, कहा– सेना के पराक्रम को कमजोर करने का गंभीर आरोप
लखनऊ: राज्यसभा में कांग्रेस के उपनेता और वरिष्ठ सांसद प्रमोद तिवारी ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने एक वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि खुद विदेश मंत्री ने यह स्वीकार किया है कि भारत की सेना द्वारा आतंकियों के ठिकानों पर की गई कार्रवाई से पहले उन्होंने पाकिस्तान को सूचित किया था कि हमला केवल आतंकी ठिकानों पर होगा, नागरिक या सैन्य संस्थानों पर नहीं। प्रमोद तिवारी ने इसे “चौंकाने वाला और राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़” करार दिया है।प्रमोद तिवारी ने कहा कि यह जानकर वह अचंभित हैं कि भारत का विदेश मंत्री स्वयं पाकिस्तान को पहले से हमले की जानकारी देता है। उन्होंने आशंका जताई कि इस सूचना के कारण ही मसूद अजहर और हाफिज सईद जैसे खतरनाक आतंकवादी हमले से पहले बच निकलने में सफल रहे।तिवारी ने भारतीय सेना के साहस, शौर्य और पराक्रम की सराहना करते हुए कहा कि देश को अपनी सेना पर गर्व है, जिसने 1971 में पाकिस्तान को हराकर बांग्लादेश को जन्म दिया था। लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि विदेश मंत्री की असावधानी के चलते इस बार आतंक के आकाओं को सुरक्षित भागने का अवसर मिल गया।उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की धरती पर आतंकवाद पनपता रहा है और वहीं दुनिया के सबसे खतरनाक आतंकी ओसामा बिन लादेन भी छिपा बैठा था। भारत को इससे सबक लेना चाहिए था। तिवारी ने यह भी याद दिलाया कि अतीत में भाजपा के समर्थन से चल रही सरकार के दौरान आतंकवादियों द्वारा केंद्रीय मंत्री की बेटी को बंधक बनाकर जेल में बंद आतंकियों को रिहा करवाया गया था।तिवारी ने आरोप लगाया कि भाजपा की सरकार के रहते हमेशा आतंकवादियों को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से राहत मिली है। उन्होंने विदेश मंत्री की कथित स्वीकारोक्ति पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब यह स्पष्ट हो चुका है कि पाकिस्तान को पहले से सूचना दी गई थी, तो विदेश मंत्री को चुप्पी साधने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।उन्होंने यह भी मांग की कि जयशंकर को तत्काल मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाए और उनके खिलाफ संवैधानिक व कानूनी कार्यवाही शुरू की जाए।इसके साथ ही, प्रमोद तिवारी ने उत्तर प्रदेश में बिजली दरों में संभावित वृद्धि पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में बिजली की आपूर्ति पहले ही चरमराई हुई है, सरकार उत्पादन नहीं बढ़ा रही और चुनावी साल न होने की वजह से बाहर से खरीदने में भी रुचि नहीं दिखा रही है। ऐसे में यदि विद्युत नियामक आयोग 30 प्रतिशत दर वृद्धि को मंजूरी देता है तो आम जनता को दोहरी मार सहनी पड़ेगी।तिवारी ने आरोप लगाया कि यह सरकार जनता को राहत नहीं देना चाहती बल्कि हर मोर्चे पर उसे महंगाई, असुरक्षा और संकट में झोंक रही है।
