diwali horizontal

क्या वक्फ कानून पर लगेगी रोक।

0 1,483

क्या वक्फ कानून पर लगेगी रोक।

New Delhi News:  सुप्रीम कोर्ट में वक्फ कानून पर शुरू हुई बहस मंदिर और मोक्ष तक पहुंच गई। मुस्लिम पक्ष ने कानून पर 5 बड़े ऐतराज जताए, तो सरकार ने ने कह दिया- वक्फ इस्लाम का अनिवार्य अंग नहीं हैं। दलील पूरी होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कानून में अंतरिम रोक लगाने पर फैसला सुरक्षित रख लिया है.https://youtu.be/6JIIamKuk6w?si=gQ-mS8Xt1xWFkgAv

 

 

• सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने तर्क दिया कि ‘वक्फ बाय यूजर’ इस्लाम में एक स्थापित परंपरा है, जिसके तहत लंबे समय से धार्मिक या सामुदायिक उपयोग में रही संपत्तियों (जैसे मस्जिदें, कब्रिस्तान, दरगाहें) को बिना औपचारिक दस्तावेज के वक्फ माना जाता है। ऐसी संपत्तियां ईश्वर को समर्पित होती हैं और इन्हें कभी समाप्त नहीं किया जा सकता।

• ये प्रावधान हटाना मुसलमानों की धार्मिक आजादी के अधिकार के खिलाफ है। यह संविधान के आर्टिकल 14, 25 का उल्लंघन है।

• कई मस्जिदें और कब्रिस्तान, खासकर 13वीं-14वीं सदी की, बिना औपचारिक दस्तावेजों के ‘वक्फ बाय यूजर’ के तहत संरक्षित हैं। ये प्रावधान खत्म कर देने से बहुत सी पुरानी वक्फ प्रॉपर्टी अवैध हो जाएंगीं।

• वक्फ आखिरत के लिए होता है, इस दलील पर चीफ जस्टिस गवई ने कहा- जैसे हिंदुओं में मोक्ष की अवधारणा है।

वक्फ को किसी भी संपत्ति को अपनी संपत्ति घोषित करने का अधिकार था। लेकिन अब वक्फ बोर्ड को कोई भी वक्फ प्रॉपर्टी जिले के डीएम ऑफिस में रजिस्टर करवानी होगी। किसी विवादित प्रॉपर्टी पर जब तक डीएम अपनी रिपोर्ट नहीं दे देते, उसे वक्फ की प्रॉपर्टी नहीं माना जाएगा और न ही तब तक वक्फ बोर्ड उस प्रॉपर्टी को कंट्रोल कर सकेगा।

मुस्लिम पक्ष की दलील

• वक्फ संशोधन कानून वक्फ संपत्तियों को हथियाने की कोशिश है। यह अल्पसंख्यक समुदाय के धार्मिक अधिकारों पर हमला है। जो डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर विवादित संपत्तियों का सर्वे करेगा, वो सरकार का नुमाइंदा है, इसलिए हमेशा सरकार के पक्ष में ही फैसला करेगा।

• सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने कहा, ‘कलेक्टर यह तय करेगा कि जिस संपत्ति पर रजिस्ट्रेशन की मांग की गई है, उस पर कोई विवाद है या नहीं। अगर कोई विवाद है, तो कलेक्टर उस संपत्ति को तब तक वक्फ के रूप में रजिस्टर नहीं करेगा, जब तक अदालत कोई निर्देश न दे।’

नए कानून में प्रावधान है कि वक्फ के लिए संपत्ति दान किए जाने के लिए किसी मुसलमान को उस प्रॉपर्टी का मालिक और कम से कम 5 साल से मुसलमान होना चाहिए। इसके अलावा ‘वक्फ-अल-औलाद’ के तहत महिलाओं का विरासत का अधिकार नहीं छीना जा सकता। दरअसल, ‘वक्फ-अल-औलाद’ का अर्थ है- परिवार के लिए वक्फ। इसके तहत अगर किसी ने अपनी प्रॉपर्टी वक्फ की है, तो उसके बाद उसके परिवार को इसकी विरासत मिलेगी। इससे होने वाली कमाई जैसे किराया वगैरह उसके परिवार को मिलेगा।

Leave A Reply

Your email address will not be published.