
लखनऊ में स्मार्ट सिटी कंट्रोल रूम का निरीक्षण, शिकायतों के त्वरित निस्तारण को लेकर नगर आयुक्त ने दिए कड़े निर्देश
लखनऊ में स्मार्ट सिटी कंट्रोल रूम का निरीक्षण, शिकायतों के त्वरित निस्तारण को लेकर नगर आयुक्त ने दिए कड़े निर्देश
लखनऊ: स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शहरवासियों को बेहतर सुविधाएं और त्वरित सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बुधवार को स्मार्ट सिटी कंट्रोल रूम का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने कंट्रोल रूम में कार्यरत कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता से प्राप्त शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर न केवल संबंधित अधिकारियों तक तत्काल पहुंचाया जाए, बल्कि समाधान की निरंतर मॉनिटरिंग करते हुए शिकायतकर्ता से फीडबैक भी लिया जाए।निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने इस बात पर विशेष बल दिया कि जन शिकायतों पर त्वरित, प्रभावी और गुणवत्तापरक कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नगर निगम के अभियंत्रण, स्वास्थ्य, सफाई और अन्य संबद्ध विभागों की जिम्मेदारी है कि वे समस्याओं का समाधान बिना देरी के सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि नागरिकों के विश्वास को बनाए रखने के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही आवश्यक है।बारिश के मौसम को ध्यान में रखते हुए नगर आयुक्त ने जलभराव की समस्या पर विशेष रूप से सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्य मार्गों, वीआईपी क्षेत्रों और जलभराव की दृष्टि से संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जाए तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल पंपिंग और सफाई की व्यवस्था की जाए, ताकि लोगों को आवागमन में कोई कठिनाई न हो।नगर आयुक्त ने 311 मोबाइल एप पर प्राप्त होने वाली शिकायतों की गंभीरता से समीक्षा करते हुए कहा कि यह एप नगर निगम और नागरिकों के बीच संवाद का एक प्रभावी माध्यम है। अतः इस पर आने वाली हर शिकायत को तय समयसीमा में निस्तारित किया जाए, जिससे स्मार्ट सिटी परियोजना की मूल भावना – स्मार्ट और सतत सेवाएं – फलीभूत हो सके।निरीक्षण के दौरान सुएज इंडिया को भी विशेष निर्देश देते हुए नगर आयुक्त ने कहा कि सीवर संबंधी शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जैसे ही कोई शिकायत प्राप्त हो, तुरंत तकनीकी टीम को मौके पर भेजा जाए ताकि समस्या को जड़ से समाप्त किया जा सके और नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने यह भी कहा कि सीवर की नियमित सफाई और निगरानी व्यवस्था मजबूत की जाए।निरीक्षण के अंत में नगर आयुक्त गौरव कुमार ने कहा कि तकनीक आधारित समाधान और जनता से पारदर्शी संवाद ही स्मार्ट सिटी की आत्मा है। नागरिकों को समयबद्ध और सटीक सेवाएं उपलब्ध कराना नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए हर स्तर पर उत्तरदायित्व और सक्रियता सुनिश्चित की जाएगी।
