
सरोजनीनगर पुलिस ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने वाले युवक को किया गिरफ्तार, पुलिस की तत्परता से सुरक्षित मिली बच्ची
सरोजनीनगर पुलिस ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने वाले युवक को किया गिरफ्तार, पुलिस की तत्परता से सुरक्षित मिली बच्ची
लखनऊ: राजधानी के सरोजनीनगर थाना क्षेत्र से एक नाबालिग बच्ची को बहला-फुसलाकर भगाने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई वादिनी द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे के आधार पर की गई, जिसमें बताया गया था कि उसकी 13 वर्षीय पुत्री रात को अचानक घर से गायब हो गई थी।पीड़िता की मां ने बताया कि एक जुलाई की रात करीब एक बजे जब वह उठी, तो उसकी बेटी अपने बिस्तर पर नहीं थी। घबराकर जब उसने खोजबीन शुरू की तो बच्ची कानपुर रोड स्थित अमौसी मेट्रो स्टेशन के पास मिली, जहां एक युवक उसे लेकर जा रहा था। इस पर महिला द्वारा थाने में शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके आधार पर थाना सरोजनीनगर में तत्काल मुकदमा पंजीकृत किया गया।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और साक्ष्य संकलन के बाद भारतीय न्याय संहिता और पाक्सो अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर विवेचना की गई। विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर मामले में रियाजुद्दीन उर्फ रहमान नाम के युवक की संलिप्तता पाई गई, जो मूलतः जनपद उन्नाव का निवासी है और वर्तमान में लखनऊ के दुबग्गा क्षेत्र में रह रहा था।पुलिस टीम ने अभियुक्त की तलाश तेज कर दी और आखिरकार 4 जुलाई को उसे बेहसा कट मोड़ के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी को उसके कृत्य और उस पर दर्ज धाराओं के बारे में विधिवत जानकारी दी गई। पूछताछ में युवक ने बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने की बात स्वीकार की।अभियुक्त रियाजुद्दीन को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में अपर निरीक्षक सुरेश नारायण मिश्रा, उपनिरीक्षक नीशू चौधरी और सिपाही सुमित कुमार शामिल थे। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय और मानवाधिकार आयोग के सभी निर्देशों का अक्षरशः पालन किया।इस पूरे मामले में पुलिस की तत्परता और सतर्कता की सराहना की जा रही है, जिससे बच्ची को समय रहते सुरक्षित बरामद किया जा सका और आरोपी को भी सलाखों के पीछे पहुंचाया गया। पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ ने पुनः स्पष्ट किया है कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, और ऐसे मामलों में कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
