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जमीन हड़पने की नीयत से खुद को मारी गोली, साजिश रचने वाले युवक और उसके साथी को काकोरी पुलिस ने किया गिरफ्तार

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जमीन हड़पने की नीयत से खुद को मारी गोली, साजिश रचने वाले युवक और उसके साथी को काकोरी पुलिस ने किया गिरफ्तार

लखनऊ: राजधानी के काकोरी थाना क्षेत्र में एक ऐसी सनसनीखेज साजिश का भंडाफोड़ हुआ है, जिसमें जमीन विवाद को लेकर एक युवक ने अपने ही कंधे में गोली मारकर फर्जी मुकदमा दर्ज कराया और दो रिश्तेदारों को फंसाने की कोशिश की। पुलिस की सतर्कता और गहन जांच के चलते यह झूठी कहानी उजागर हो गई और खुद को पीड़ित बताने वाला युवक ही अपराधी साबित हुआ। पुलिस ने आकाश यादव उर्फ आर्यन सिंह यादव और उसके सहयोगी दीवान को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।यह मामला 8 जुलाई 2025 को सामने आया था, जब ग्राम मौंदा निवासी आकाश यादव ने थाना काकोरी में तहरीर दी कि उसके ऊपर दो अज्ञात बाइक सवार लोगों ने जानलेवा हमला किया और तमंचे से गोली मार दी। पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज करते हुए जांच शुरू की। लेकिन जब पुलिस की टीम घटनास्थल पहुंची तो वहां कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। पूछताछ के दौरान आकाश यादव ने पुलिस को बाग में अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर वहां वारदात होने की बात कही, लेकिन कहीं भी खून के निशान या खोखा कारतूस नहीं मिला।इसके बाद पुलिस ने मेडिकल रिपोर्ट का अवलोकन किया तो यह स्पष्ट हो गया कि गोली बेहद नजदीक से मारी गई थी, क्योंकि आकाश के कंधे पर गनशॉट ब्लैकनिंग के स्पष्ट निशान मौजूद थे। मेडिकल दस्तावेजों में भी इसकी पुष्टि हुई। इन तथ्यों के आधार पर जब पुलिस ने आकाश यादव से सख्ती से पूछताछ की तो उसने स्वीकार कर लिया कि यह हमला उसने खुद पर ही किया था।पूछताछ में आकाश यादव ने बताया कि उसका अपने फुफेरे भाइयों राजू यादव और आशीष यादव से जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। कुछ समय पहले आशीष यादव पर उसने अपनी पत्नी से छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद जब उसे जानकारी मिली कि उसकी बुआ रामावती ने उसके बाबा नारायण से जमीन अपने नाम वसीयत करवा ली है, जिसमें उसका हिस्सा भी चला गया है, तो उसने नाराज होकर साजिश रचने का फैसला किया।आकाश ने अपने बाग के साझेदार दीवान के साथ मिलकर यह योजना बनाई कि वह खुद को गोली मारकर राजू और आशीष को झूठे मुकदमे में फंसा देगा। योजना के अनुसार उसने आम की फसल खत्म होने के बाद बाग में खुद पर 315 बोर के तमंचे से गोली चलाई और फिर तमंचा व कारतूसों को बाग की दीवार की नींव में छिपा दिया। मेडिकल रिपोर्ट में मिली पुष्टि के आधार पर दीवान को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने बताया कि संपत्ति के लालच में वह भी इस योजना में शामिल हो गया था।पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और अब उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 308(7), 217, 61(2) बीएनएस के तहत गंभीर धाराएं दर्ज करते हुए साथ ही अवैध हथियार रखने और उसका प्रयोग करने के आरोप में आयुध अधिनियम की धारा 3/25/27 भी जोड़ दी है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त एक तमंचा, दो जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद कर लिया है।इस सनसनीखेज साजिश का खुलासा करने वाली पुलिस टीम में काकोरी कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सतीश राठौर के नेतृत्व में उपनिरीक्षक सुधीर कुमार, सावंत कुशवाहा, शिवम विधूड़ी, हेड कांस्टेबल अजय यादव, अनिल उत्तम और कांस्टेबल सुरेन्द्र यादव शामिल थे।पुलिस का कहना है कि यह मामला असाधारण श्रेणी का है, जिसमें खुद पर जानलेवा हमला कराकर दूसरों को फंसाने की कोशिश की गई। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है और जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

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