
रहीमाबाद में हत्या के मुख्य आरोपी पंकज दीक्षित को लखनऊ पुलिस ने किया गिरफ्तार, हाईवे पर घेराबंदी कर पकड़ा गया वांछित अपराधी
रहीमाबाद में हत्या के मुख्य आरोपी पंकज दीक्षित को लखनऊ पुलिस ने किया गिरफ्तार, हाईवे पर घेराबंदी कर पकड़ा गया वांछित अपराधी
लखनऊ: पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के जोन-उत्तरी अंतर्गत रहीमाबाद थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। हत्या के एक गंभीर मामले में वांछित चल रहे मुख्य आरोपी पंकज दीक्षित को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी लखनऊ-हरदोई हाईवे के निकट जालामऊ मोड़ के पास की गई, जहां आरोपी को पुलिस ने मुखबिर की सटीक सूचना पर घेराबंदी कर दबोच लिया।यह कार्रवाई संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध एवं मुख्यालय) के नेतृत्व में चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई, जिसका उद्देश्य वांछित अभियुक्तों, एनबीडब्ल्यू, सक्रिय अपराधियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करना है। पुलिस उपायुक्त (उत्तरी) के निर्देशन और अपर पुलिस उपायुक्त के मार्गदर्शन में तथा सहायक पुलिस आयुक्त मलिहाबाद के पर्यवेक्षण में रहीमाबाद थाना प्रभारी आनंद कुमार द्विवेदी के नेतृत्व में यह पूरी कार्रवाई अंजाम दी गई।गिरफ्तार किए गए आरोपी ने अपनी पहचान पंकज दीक्षित पुत्र स्वर्गीय वीरेंद्र दीक्षित, निवासी ग्राम बख्तौरीपुर, मजरा ससपन, थाना रहीमाबाद, जनपद लखनऊ (उम्र करीब 39 वर्ष) के रूप में दी। उसके विरुद्ध थाना रहीमाबाद में मु0अ0सं0 123/2025, धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता के तहत हत्या का गंभीर अभियोग दर्ज है। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने सर्वोच्च न्यायालय व मानवाधिकार आयोग के सभी दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन किया और गिरफ्तारी की सूचना उसके परिजनों को भी दी गई।पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पंकज दीक्षित पहले से भी कई आपराधिक मामलों में लिप्त रहा है। वर्ष 2023 में उसके खिलाफ थाना रहीमाबाद में मारपीट और धमकी देने के आरोप में मु0अ0सं0 81/2023, धारा 323/504/506 भादवि दर्ज किया गया था। इसके बाद वर्ष 2024 में दो और मामलों में वह नामजद रहा—एक बार फिर इन्हीं धाराओं में और एक अन्य गंभीर मामले में जिसमें उस पर मारपीट, सरकारी कर्मचारी पर हमला, और घातक हथियार से चोट पहुंचाने के तहत केस दर्ज हुआ।गिरफ्तारी के बाद पंकज दीक्षित को विधिक प्रक्रिया के तहत न्यायालय में प्रस्तुत कर रिमांड पर भेजा गया है। रहीमाबाद थाना की इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक आनंद कुमार द्विवेदी के साथ उपनिरीक्षक उमेश यादव, उपेन्द्र यादव, निरीक्षक संदीप कुमार, महिला उपनिरीक्षक संध्या पटेल और आरक्षी अरुण कुमार शामिल रहे।रहीमाबाद पुलिस की इस तत्परता और सक्रियता से न सिर्फ एक हत्या के आरोपी की गिरफ्तारी संभव हो सकी, बल्कि इलाके में कानून-व्यवस्था को लेकर आम जनता में भरोसा भी और अधिक मजबूत हुआ है। पुलिस कमिश्नरेट के अनुसार इस तरह के अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।
