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भाजपा सरकार शिक्षा विरोधी, पीडीए पाठशाला नहीं रुकेगी: अखिलेश यादव

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भाजपा सरकार शिक्षा विरोधी, पीडीए पाठशाला नहीं रुकेगी: अखिलेश यादव

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सरकार शिक्षा के खिलाफ है। जो लोग शिक्षा के विरोधी हैं, वही सबसे बड़े माफिया हैं। भाजपा सरकार पढ़ाई को लेकर एफआईआर दर्ज करा रही है। अंग्रेजों ने भी कभी पढ़ाई को लेकर एफआईआर नहीं लिखवाई थी। भाजपा को यह गलतफहमी है कि वह पुलिस के बल पर पीडीए पाठशाला बंद करवा देगी, जबकि समाजवादियों ने संकल्प लिया है कि जब तक बंद किए गए स्कूलों में शिक्षक और प्रधानाचार्य की नियुक्ति नहीं हो जाती, तब तक पीडीए पाठशाला और ट्यूशन जारी रहेगा। उन्होंने दो टूक कहा कि पुलिस के डर से समाजवादियों की पहल रुकने वाली नहीं है।मंगलवार को गोमती नगर स्थित जनेश्वर मिश्रा पार्क में मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार ने अपने कार्यकाल में कई अभिनव स्कूल खोले थे, राजधानी लखनऊ में संस्कृति स्कूल की स्थापना की गई थी, लेकिन भाजपा सरकार ने उन्हें बंद करा दिया। मुख्यमंत्री को चाहिए कि वह खुद पाठशालाओं में जाकर स्कूलों की जर्जर स्थिति को देखें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के अपने जिले में स्कूल की छत गिर गई और बच्चे घायल हो गए।सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा सरकार के पास अपनी कोई उपलब्धि नहीं है, जिसे वह जनता को दिखा सके। जनेश्वर मिश्र पार्क समाजवादी सरकार की देन है, लेकिन भाजपा सरकार ने इसके गेट पर अपना पत्थर और होर्डिंग लगवा दिया। उन्होंने कहा कि जब सरकार के पास कुछ दिखाने को नहीं होता तो वह झूठे मुकदमे दर्ज कर समाजसेवियों को जेल भेजने लगती है।पंचायती राज विभाग द्वारा जाति और धर्म विशेष को लेकर जारी किए गए पत्र को भाजपा सरकार की मानसिकता का परिचायक बताते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि कोई भी कार्य यदि गैरकानूनी हो तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन किसी एक जाति या धर्म को निशाना बनाना संविधान विरोधी है। समाजवादी पार्टी इस मामले को लेकर कोर्ट जाएगी और न्यायपालिका से तत्काल संज्ञान लेने की मांग करेगी।अखिलेश यादव ने जोर देकर कहा कि पीडीए (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) को जितना प्रताड़ित किया जाएगा, उसकी एकता उतनी ही मजबूत होगी। भाजपा सरकार बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और बाढ़ जैसे मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने पहले सांसद इकरा हसन और फिर डिंपल यादव को निशाना बनाया, लेकिन कभी कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे भाजपा की मानसिकता उजागर होती है। उन्होंने कहा कि पीडीए का लक्ष्य भाजपा का सफाया करना है और वह इस मकसद से पीछे नहीं हटेगा।सपा अध्यक्ष ने प्रदेश में जमीनों पर अवैध कब्जों को लेकर भी भाजपा नेताओं पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि लखनऊ सहित प्रदेशभर में जहां-जहां वेटलैंड और तालाब की जमीनें थीं, वहां भाजपा नेताओं ने कब्जा कर रखा है। यदि अयोध्या, लखनऊ और वाराणसी की रजिस्ट्रियां निकाली जाएं तो सच सामने आ जाएगा।बाढ़ की स्थिति पर बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि प्रयागराज में 20 हजार करोड़ रुपए खर्च करने के बावजूद बाढ़ से लोगों के घर डूब गए हैं। लोगों को न तो शुद्ध पानी मिल पा रहा है और न ही इलाज की सुविधा है। यही हाल वाराणसी और गोरखपुर का भी है, जहां स्मार्ट सिटी के नाम पर हजारों करोड़ खर्च किए गए। लखनऊ में भाजपा की सरकार और मेयर होने के बावजूद शहर में नालियां भरी हैं, कूड़े के ढेर लगे हैं और जगह-जगह जलभराव और गड्ढे हैं।अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल है। किसानों की आय दोगुनी नहीं हुई, महंगाई और बेरोजगारी चरम पर है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से लिए गए निर्णयों का असर भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा, जबकि भाजपा सरकार के पास न तो कोई रणनीति है और न ही विदेश नीति का कोई स्पष्ट रोडमैप। जो लोग आज ‘स्वदेशी’ की बात कर रहे हैं, वे व्यवहार में पूरी तरह ‘विदेशी’ हैं।उन्होंने कहा कि जब जनता ने भाजपा को हराना शुरू कर दिया तब वोट काटने के लिए एसआईआर जैसी योजना लाई गई। समाजवादी पार्टी ने चुनाव आयोग से एफिडेविट के साथ 18 हजार वोटों के काटे जाने की शिकायत की, जो 2019 के लोकसभा चुनाव में डाले गए थे, लेकिन 2022 के विधानसभा चुनाव में काट दिए गए। इस पर न तो कोई कार्रवाई हुई, न ही कोई जवाब मिला।

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