
अखिलेश यादव ने कहा – प्रदेश में बाढ़ से जनजीवन संकट में, सरकार नदारद
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि प्रदेश में बाढ़ से स्थिति भयावह हो गई है। दर्जनों जिलों के सैकड़ों गांव और कई नगरीय क्षेत्र जलमग्न हैं। लाखों लोग और पशु संकट में हैं। मथुरा, आगरा, अलीगढ़, शाहजहांपुर, पीलीभीत, कानपुर देहात, औरैया, इटावा, कन्नौज, फर्रुखाबाद, सीतापुर, हरदोई, वाराणसी सहित कई जिलों में बाढ़ से जनजीवन प्रभावित है। लोग खाना-पानी, दवा और इलाज के लिए जूझ रहे हैं, जबकि सरकार संकट की इस घड़ी में कहीं दिखाई नहीं दे रही है।अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री द्वारा गठित ‘टीम इलेवन’ का कोई पता नहीं है और सरकार की घोषणाएँ सिर्फ कागजी खानापूर्ति बनकर रह गई हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ से फसलों और घरों को भारी नुकसान हुआ है, हजारों लोग अपना घर छोड़कर राहत शिविरों या छतों पर शरण लेने को मजबूर हैं। आगरा शहर की दर्जनों कॉलोनियों में पानी भर गया है, मथुरा में यमुना किनारे के बाजार डूब गए हैं, प्रयागराज के हजारों घर प्रभावित हैं, फिरोजाबाद और हरदोई में सैकड़ों गांव जलमग्न हैं, जबकि कानपुर देहात, फतेहपुर, गाजीपुर और बलिया में भी भारी तबाही देखी जा रही है।पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने जनता को संकट में छोड़ दिया है। महंगाई, बेरोजगारी और अन्य समस्याओं से जूझ रही जनता के लिए बाढ़ एक अतिरिक्त मुसीबत बन गई है। उन्होंने कहा कि सरकार की लापरवाही से लोग भय और अभाव में जीवन जी रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री का हवाई सर्वेक्षण ‘बाढ़ पर्यटन’ बनकर रह गया है।अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री जनता की समस्याओं की कोई चिंता नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता में भारी आक्रोश है और 2027 में प्रदेश की जनता भाजपा को सत्ता से हटाकर राहत की उम्मीद कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा हटेगी तभी लोगों को समस्याओं से निजात मिलेगी, अन्याय और अत्याचार खत्म होगा और जनता को राहत मिलेगी।
