
लखनऊ पुलिस ने अन्तरजनपदीय चोर गिरोह का भंडाफोड़, सात शातिर गिरफ्तार
लखनऊ: राजधानी पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ की काकोरी पुलिस ने अन्तरजनपदीय चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सात शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अपराधियों के पास से चोरी की वारदातों में प्रयुक्त औजारों के साथ मोबाइल फोन और धारदार हथियार बरामद हुए हैं। पकड़े गए अपराधियों ने हाल ही में काकोरी क्षेत्र के ग्राम सकरा में हुई चार चोरियों की घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार की है।17 सितम्बर को काकोरी थाना क्षेत्र में लगातार चोरी की घटनाएं सामने आई थीं। स्थानीय निवासियों केशन गौतम, वकीम, नीरज बाबा और पप्पू ने घरों से नगदी, मोबाइल फोन और यहां तक कि मंदिर की दान पेटी चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। इन घटनाओं ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी। शिकायत के बाद पुलिस ने गंभीरता दिखाते हुए चार मुकदमे दर्ज किए और चोरों की तलाश के लिए चार विशेष टीमें गठित कर दीं।गुरुवार को कठिंगरा अंडरपास पर पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाया। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि एक ऑटो में सवार कुछ संदिग्ध लोग चोरी की वारदात की फिराक में घूम रहे हैं। सूचना पर सक्रिय हुई पुलिस ने ऑटो को रोकने का प्रयास किया तो उसमें बैठे लोग भागने लगे। घेराबंदी कर पुलिस ने सभी सात संदिग्धों को धर दबोचा। तलाशी के दौरान उनके पास से तीन टॉर्च, दो प्लास, एक हथौड़ा, दो आरी के पत्ते, एक लोहे की रॉड और दो चाकू बरामद हुए। पूछताछ में अभियुक्तों ने चोरी की घटनाओं को कबूल किया और बताया कि वे एक संगठित गिरोह बनाकर ऑटो से अलग-अलग जनपदों में वारदात को अंजाम देते थे।गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान विनोद वर्मा, इन्दल, रामखेलावन, धनेश पासी, मनोहर उर्फ दिनेश और नरेश, सभी निवासी सीतापुर, तथा विमल निवासी बाराबंकी के रूप में हुई है। ये सभी पहले से कई मामलों में जेल जा चुके हैं। इनके खिलाफ चोरी, लूट, डकैती, गैंगस्टर एक्ट, एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज हैं।गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने उन चार मुकदमों का भी खुलासा कर दिया, जिनमें हाल ही में काकोरी में चोरी की घटनाएं दर्ज हुई थीं। इनमें मु.अ.सं. 354/2025, 355/2025 और 356/2025 धारा 305ए/331(4) बीएनएस तथा मु.अ.सं. 357/2025 धारा 307/115(2)/118(1) बीएनएस शामिल हैं।इस पूरी कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक काकोरी सतीश राठौर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने साहसिक भूमिका निभाई। उपनिरीक्षक छत्रजीत सिंह, अंकित यादव, प्रदीप यादव, उस्मान खां, शैलेष तिवारी समेत कई सिपाहियों ने मिलकर अपराधियों को पकड़ने में सफलता हासिल की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह की गिरफ्तारी से न केवल हालिया घटनाओं का खुलासा हुआ है बल्कि लखनऊ व आस-पास के जिलों में हुई कई चोरियों की गुत्थियाँ भी सुलझने की संभावना है।
