
AIMIM का भिनगा में बड़ा दांव: दद्दन खां को टिकट
UTTAR PRADESH LIVE: भिनगा से दद्दन खां को टिकट, ओवैसी का बड़ा सियासी दांव
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल अभी से तेज होती दिखाई दे रही है। राजनीतिक दल लगातार अपने संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं और इसी बीच श्रावस्ती से AIMIM ने बड़ा ऐलान कर दिया है।

AIMIM प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने श्रावस्ती की भिनगा विधानसभा सीट से हाजी दद्दन खां को पार्टी का उम्मीदवार घोषित कर दिया है।
रविवार को भिनगा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित जनसभा में ओवैसी ने मंच से दद्दन खां के नाम का ऐलान किया। इसके साथ ही AIMIM ने ये साफ संकेत दे दिया है कि पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी अभी से जमीन पर शुरू कर चुकी है।
अब सवाल है कि आखिर दद्दन खां कौन हैं और ओवैसी ने भिनगा सीट के लिए उन्हीं पर भरोसा क्यों जताया?
दरअसल, दद्दन खां का श्रावस्ती की राजनीति में पहले से जुड़ाव रहा है। वह बहुजन समाज पार्टी से जुड़े हुए थे और 2024 के लोकसभा चुनाव में श्रावस्ती सीट से बसपा के उम्मीदवार भी रह चुके हैं।
लेकिन अगस्त 2026 में बसपा ने उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया था। उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के आरोप लगाए गए थे। बसपा की ओर से कहा गया था कि वह पार्टी की अनुमति के बिना खुद को भिनगा विधानसभा सीट का संभावित उम्मीदवार बताकर प्रचार कर रहे थे।
इसके बाद सितंबर में दद्दन खां ने AIMIM का दामन थाम लिया। AIMIM में शामिल होने के बाद से ही ये चर्चा शुरू हो गई थी कि पार्टी उन्हें भिनगा विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतार सकती है।
और अब ओवैसी ने खुद उनके नाम का ऐलान कर दिया है।
यानी जो बात पिछले कुछ समय से राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय थी, उस पर अब AIMIM ने मुहर लगा दी है।
लेकिन भिनगा से दद्दन खां की उम्मीदवारी को सिर्फ एक उम्मीदवार के ऐलान के तौर पर नहीं देखा जा रहा।
क्योंकि ओवैसी ने इसी जनसभा में समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा।
ओवैसी ने मुस्लिम समाज से जुड़े कई मुद्दे उठाए और सवाल किया कि जब लोगों के सामने परेशानियां आईं, तब समाजवादी पार्टी और दूसरे विपक्षी दलों की भूमिका क्या रही।
उन्होंने मदरसों, कब्रिस्तानों और मजारों से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार और विपक्ष दोनों पर सवाल उठाए। ओवैसी ने अपने भाषण के जरिए AIMIM को उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक अलग राजनीतिक विकल्प के तौर पर पेश करने की कोशिश की।
अब यहां सबसे अहम बात समझिए।
भिनगा विधानसभा सीट पर इस समय समाजवादी पार्टी का विधायक है। ऐसे में AIMIM का यहां से अपना उम्मीदवार उतारना राजनीतिक चर्चा का बड़ा कारण बन गया है।
दद्दन खां का राजनीतिक अनुभव भी इस सीट की लड़ाई को चर्चा में ला रहा है। वह पहले बसपा के साथ रह चुके हैं और अब AIMIM के उम्मीदवार के तौर पर मैदान में होंगे।
हालांकि अभी 2027 के चुनाव में काफी समय है और दूसरे दलों के उम्मीदवारों की तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं हुई है। इसलिए अभी से चुनाव के नतीजे या किसी उम्मीदवार की स्थिति को लेकर कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
लेकिन इतना जरूर है कि AIMIM ने भिनगा में अपना पत्ता खोल दिया है।
और ये ऐलान सिर्फ श्रावस्ती तक सीमित नहीं है।
दरअसल, AIMIM उत्तर प्रदेश में कई विधानसभा सीटों पर अपनी मौजूदगी बढ़ाने की तैयारी कर रही है। कानपुर में भी पार्टी ने सात विधानसभा क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने की तैयारी शुरू की है और संभावित उम्मीदवारों की पहचान की जा रही है।
इससे साफ है कि AIMIM 2027 को लेकर उत्तर प्रदेश में सिर्फ बयानबाजी तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि धीरे-धीरे अपने उम्मीदवारों और संगठन की तस्वीर भी सामने रख रही है।
अब बात भिनगा की करें तो यहां आने वाले समय में मुकाबला और दिलचस्प हो सकता है।
क्योंकि एक तरफ समाजवादी पार्टी का मौजूदा राजनीतिक आधार है, दूसरी तरफ AIMIM ने दद्दन खां को मैदान में उतार दिया है। इसके अलावा बीजेपी और बसपा की तरफ से भी उम्मीदवारों की तस्वीर आगे चलकर साफ होगी।
और चुनावी गणित सिर्फ पार्टियों के नाम से तय नहीं होता।
स्थानीय उम्मीदवार की पकड़, इलाके के मुद्दे, संगठन की ताकत और अलग-अलग दलों के बीच होने वाले गठबंधन—इन सबका असर चुनाव पर पड़ता है।
यही वजह है कि भिनगा सीट पर दद्दन खां की उम्मीदवारी का असर कितना होगा, इसका अंदाजा अभी लगाना मुश्किल है।
लेकिन AIMIM के लिए ये ऐलान जरूर एक महत्वपूर्ण कदम है।
क्योंकि पार्टी ने चुनाव से काफी पहले ही अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है।
इससे दद्दन खां को इलाके में संगठन खड़ा करने, लोगों के बीच जाने और अपनी राजनीति