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रो पड़ा पूरा ईरान!अली खामेनेई को आखिरी सलाम

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रो पड़ा पूरा ईरान!अली खामेनेई को आखिरी सलाम

TEHRAN LIVE:  ईरान की राजधानी तेहरान से इस वक्त बेहद भावुक और ऐतिहासिक तस्वीरें सामने आ रही हैं। देश के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े आधिकारिक कार्यक्रमों की शुरुआत हो चुकी है। राजधानी में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में हजारों की संख्या में लोग उमड़ पड़े हैं। सड़कों पर शोक में डूबे नागरिक, हाथों में ईरानी झंडे और धार्मिक प्रतीक लिए लोग, सुरक्षा बलों की कड़ी निगरानी और हर तरफ गमगीन माहौल देखने को मिल रहा है। इस राजकीय कार्यक्रम को केवल ईरान ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया बेहद करीब से देख रही है, क्योंकि अयातुल्ला अली खामेनेई कई दशकों तक ईरान की राजनीति, विदेश नीति और मध्य-पूर्व की रणनीति के सबसे प्रभावशाली चेहरों में से एक रहे हैं। उनकी विदाई केवल एक नेता का अंतिम संस्कार नहीं, बल्कि ईरान के एक लंबे राजनीतिक दौर के अंत के रूप में भी देखी जा रही है।

तेहरान में आयोजित पहले आधिकारिक श्रद्धांजलि समारोह की शुरुआत धार्मिक प्रार्थनाओं और कुरान की तिलावत से हुई। इसके बाद वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, सैन्य कमांडरों, धार्मिक नेताओं और विदेशी प्रतिनिधियों ने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की। समारोह के दौरान कई लोग भावुक दिखाई दिए। बड़ी संख्या में नागरिकों ने “अल्लाहु अकबर” और एकता के नारे लगाए। पूरे कार्यक्रम को ईरान के सरकारी मीडिया द्वारा लाइव प्रसारित किया गया ताकि देश के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद लोग भी इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बन सकें। सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी रखी गई है कि राजधानी के कई प्रमुख इलाकों को आम लोगों के लिए अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।

सरकार द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार अंतिम संस्कार कई चरणों में संपन्न होगा। पहले राजधानी तेहरान में राजकीय श्रद्धांजलि दी जाएगी, उसके बाद जनाज़े को विशेष जुलूस के साथ शहर के प्रमुख मार्गों से ले जाया जाएगा ताकि आम नागरिक अंतिम दर्शन कर सकें। इसके बाद धार्मिक परंपराओं के अनुसार अंतिम नमाज़ अदा की जाएगी और फिर तय स्थान पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। इस दौरान देशभर में शोक सभाओं, विशेष प्रार्थनाओं और श्रद्धांजलि कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी बदलाव किया गया है ताकि नागरिक अंतिम संस्कार में भाग ले सकें।

ईरानी सरकार ने इस राजकीय कार्यक्रम में कई देशों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया है। मध्य-पूर्व, एशिया, अफ्रीका और अन्य क्षेत्रों के कई देशों से आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल तेहरान पहुंच चुके हैं या पहुंचने की तैयारी में हैं। विदेशी मेहमानों के स्वागत के लिए विशेष प्रोटोकॉल लागू किया गया है। एयरपोर्ट से लेकर समारोह स्थल तक सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। अंतरराष्ट्रीय मीडिया की भी बड़ी मौजूदगी है, क्योंकि यह केवल ईरान का आंतरिक कार्यक्रम नहीं बल्कि वैश्विक कूटनीति के लिहाज से भी एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। दुनिया भर के विश्लेषक इस बात पर नजर बनाए हुए हैं कि कौन-कौन से देश इस कार्यक्रम में भाग लेते हैं और इससे भविष्य की कूटनीतिक दिशा पर क्या प्रभाव पड़ सकता है।

ईरान के राष्ट्रपति ने इस अवसर पर देशवासियों के नाम भावुक संदेश जारी किया। उन्होंने नागरिकों से शांति बनाए रखने, राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने और दिवंगत नेता के विचारों को आगे बढ़ाने की अपील की। राष्ट्रपति ने कहा कि यह समय राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर देश के साथ खड़े होने का है। उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में श्रद्धांजलि कार्यक्रमों में शामिल होने और कानून व्यवस्था बनाए रखने का भी अनुरोध किया। राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि देश की सभी संवैधानिक संस्थाएं सामान्य रूप से कार्य करती रहेंगी और शासन व्यवस्था पर किसी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।

इस बीच तेहरान की सड़कों पर बड़ी संख्या में स्वयंसेवक भी तैनात किए गए हैं, जो श्रद्धांजलि देने आने वाले लोगों की सहायता कर रहे हैं। चिकित्सा टीमों, एम्बुलेंस सेवाओं और आपातकालीन राहत दलों को भी पूरी तरह अलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन को उम्मीद है कि अंतिम संस्कार के दिन लाखों लोग राजधानी में जुट सकते हैं। इसी कारण यातायात व्यवस्था में व्यापक बदलाव किए गए हैं और कई प्रमुख मार्गों को केवल राजकीय काफिलों और आपातकालीन सेवाओं के लिए आरक्षित रखा गया है। आम लोगों को सार्वजनिक परिवहन का अधिक से अधिक उपयोग करने की सलाह दी गई है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह अंतिम संस्कार केवल एक धार्मिक या राजकीय कार्यक्रम नहीं बल्कि ईरान की राजनीतिक स्थिरता का भी महत्वपूर्ण परीक्षण है। पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि नेतृत्व परिवर्तन के बाद देश किस दिशा में आगे बढ़ेगा, विदेश नीति में क्या बदलाव देखने को मिल सकते हैं और क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों पर इसका क्या असर पड़ेगा। खासकर मध्य-पूर्व में पहले से मौजूद तनाव, परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय संघर्षों के बीच यह घटनाक्रम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कई विशेषज्ञ इसे आने वाले वर्षों की भू-राजनीतिक दिशा तय करने वाली घटना के रूप में देख रहे हैं।

दूसरी ओर आम नागरिकों के लिए यह बेहद भावुक समय है। कई लोग अपने परिवार के साथ राजधानी पहुंचे हैं ताकि अंतिम दर्शन कर सकें। सोशल मीडिया पर भी श्रद्धांजलि संदेशों की बाढ़ आई हुई है। दुनिया के अलग-अलग देशों में रहने वाले ईरानी नागरिक भी ऑनलाइन माध्यम से इस कार्यक्रम को देख रहे हैं और दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। कई धार्मिक संगठनों ने विशेष दुआओं और प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया है। राजधानी में जगह-जगह बड़े डिजिटल स्क्रीन लगाए गए हैं, जहां श्रद्धांजलि समारोह का सीधा प्रसारण किया जा रहा है।

हालांकि इस पूरे घटनाक्रम के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर केवल अंतिम संस्कार तक सीमित नहीं है। दुनिया यह भी देख रही है कि ईरान आने वाले दिनों में अपनी घरेलू और विदेश नीति को किस प्रकार आगे बढ़ाता है। कई देशों ने संवेदना संदेश भेजे हैं, जबकि कुछ देशों ने अपने उच्चस्तरीय प्रतिनिधियों को तेहरान रवाना किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस राजकीय कार्यक्रम के दौरान होने वाली कूटनीतिक मुलाकातें भविष्य के कई महत्वपूर्ण समझौतों और क्षेत्रीय समीकरणों को प्रभावित कर सकती हैं।

फिलहाल तेहरान पूरी तरह शोक में डूबा हुआ है। राजधानी की सड़कों से लेकर सरकारी भवनों तक हर जगह श्रद्धांजलि का माहौल दिखाई दे रहा है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और प्रशासन का कहना है कि सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। अब पूरी दुनिया की नजर अंतिम संस्कार के मुख्य कार्यक्रम पर टिकी हुई है, जहां लाखों लोगों की मौजूदगी की संभावना जताई जा रही है। आने वाले घंटों में जैसे-जैसे कार्यक्रम आगे बढ़ेगा, वैसे-वैसे नई तस्वीरें और नए अपडेट सामने आते रहेंगे। ऐसे ही अंतरराष्ट्रीय, मध्य-पूर्व, भू-राजनीति और विश्व की बड़ी खबरों के लिए हमारे साथ जुड़े रहिए।

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