diwali horizontal

अयोध्या में दीपोत्सव 2025: रामायण पर आधारित भव्य शोभायात्रा ने दिखाई ‘त्रेता युग’ की झलक, संस्कृति और भक्ति का अद्भुत संगम

0 114

अयोध्या में दीपोत्सव 2025: रामायण पर आधारित भव्य शोभायात्रा ने दिखाई ‘त्रेता युग’ की झलक, संस्कृति और भक्ति का अद्भुत संगम

लखनऊ: भगवान श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या में रविवार को भक्ति, संस्कृति और भव्यता का अनूठा संगम देखने को मिला जब पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने साकेत महाविद्यालय परिसर से जय श्रीराम के ध्वज लहराते हुए और ढोल-नगाड़े की थाप पर रामायण पर आधारित भव्य शोभायात्रा को रवाना किया। दीपोत्सव 2025 की इस शोभायात्रा ने ‘त्रेता युग’ की झलक प्रस्तुत करते हुए श्रद्धा, लोकनृत्य और सांस्कृतिक उत्साह का अद्भुत उदाहरण पेश किया।पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व में दीपोत्सव हर वर्ष नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष का दीपोत्सव केवल दिव्यता का उत्सव नहीं है, बल्कि ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना का सशक्त प्रतीक भी है, जो सांस्कृतिक एकता और सामाजिक सौहार्द का संदेश देता है। झांकियों में मिशन शक्ति और स्वच्छ भारत अभियान जैसे सामाजिक संदेशों को भी प्रदर्शित किया गया, जो नागरिकों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करते हैं।शोभायात्रा साकेत महाविद्यालय से प्रारंभ होकर रामकथा पार्क तक पहुँची। इसमें रामायण के सातों कांड—बालकांड, अयोध्याकांड, अरण्यकांड, किष्किन्धाकांड, सुंदरकांड, लंकाकांड और उत्तरकांड—को जीवंत करती 22 आकर्षक झांकियों ने उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। देश के विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों ने मयूर, बढ़वां, देहड़िया, धोबिया और अन्य लोकनृत्यों के माध्यम से वातावरण को उल्लासमय बना दिया। श्रद्धालुओं ने मार्ग भर पुष्पवर्षा और दीपदान कर रामपथ को आस्था और प्रकाश से आलोकित किया।प्रयागराज से आए दर्शक आयुष सिंह ने कहा कि इस शोभायात्रा ने भारत की विविधता में एकता का जीवंत दर्शन कराया। हर झांकी और हर नृत्य ने श्रीराम के शाश्वत आदर्शों और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा को प्रदर्शित किया, जिससे यह पर्व श्रद्धालुओं के लिए और भी यादगार बन गया।

Leave A Reply

Your email address will not be published.