
हर मेडिकल स्टोर पर CCTV अनिवार्य! सरकार के प्रस्ताव से केमिस्टों में क्यों मचा विरोध?
CCTV MUST IN MEDICAL STORES: केंद्र सरकार ने मेडिकल स्टोर्स पर दवाओं की बिक्री की निगरानी बढ़ाने के लिए CCTV कैमरे अनिवार्य करने का प्रस्ताव रखा है। प्रस्तावित बदलाव के तहत प्रिस्क्रिप्शन वाली Schedule H, H1 और X श्रेणी की दवाओं की बिक्री CCTV निगरानी में करने की बात कही गई है। रिकॉर्डिंग को कम से कम तीन महीने तक सुरक्षित रखने का भी प्रस्ताव है।

सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य बिना वैध डॉक्टर की पर्ची के दवाओं की बिक्री और खासकर नियंत्रित एवं मनोदैहिक दवाओं के अनधिकृत इस्तेमाल पर रोक लगाना है। सरकार के मुताबिक CCTV से दवा बिक्री में पारदर्शिता और नियामकीय निगरानी मजबूत हो सकती है।
केमिस्ट क्यों कर रहे विरोध?
दवा विक्रेता संगठनों का कहना है कि हर दुकान पर CCTV, DVR/NVR, स्टोरेज, इंटरनेट और रखरखाव की व्यवस्था करना छोटे दुकानदारों के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ बनेगा। AIOCD ने अनुमान जताया है कि इस व्यवस्था पर प्रति दुकान करीब 50 हजार से 1 लाख रुपये तक खर्च हो सकता है।

केमिस्टों ने खासकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में बिजली कटौती, खराब इंटरनेट कनेक्टिविटी और तकनीकी कर्मचारियों की कमी जैसी व्यावहारिक समस्याओं का मुद्दा उठाया है। कुछ संगठनों ने मरीजों की निजता और CCTV डेटा की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है।
फिलहाल यह प्रस्तावित नियम है, अंतिम लागू नियम नहीं। सरकार ने ड्राफ्ट पर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। अब देखना होगा कि अंतिम नियम में क्या बदलाव किए जाते हैं और छोटे मेडिकल स्टोरों के लिए क्या राहत या व्यवस्था दी जाती है।