diwali horizontal

CM योगी ने स्कूल से ज्यादा शराब की दुकानें खोल दी!;अखिलेश यादव

0 83

CM योगी ने स्कूल से ज्यादा शराब की दुकानें खोल दी;अखिलेश यादव 

Uttar Pradesh News:उत्तर प्रदेश की सियासत एक बार फिर गर्मा गई है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर सीधा हमला बोलते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। अखिलेश का कहना है कि योगी सरकार ने यूपी में स्कूलों से ज़्यादा शराब की दुकानें खोल दी हैं।
लखनऊ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए अखिलेश ने कहा
जिस राज्य में बच्चों को शिक्षा की सबसे ज़्यादा ज़रूरत है, वहां सरकार शिक्षा नहीं, शराब बांट रही है। स्कूल खोलने की बात तो दूर, पहले से मौजूद स्कूल भी बंद हो रहे हैं, लेकिन शराब की दुकानें लगातार खुल रही हैं।

अखिलेश ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश में शराब नीति के ज़रिए राजस्व के नाम पर समाज को बर्बादी की ओर धकेला जा रहा है और इससे युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि “सरकार एक तरफ नशा मुक्ति की बात करती है और दूसरी ओर हर गली-मोहल्ले में शराब की दुकानें खोल रही है।

इस बयान के बाद बीजेपी की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई। भाजपा प्रवक्ताओं ने अखिलेश के बयान को “तथ्यों से परे और राजनीतिक स्टंट” करार दिया। उनका कहना है कि योगी सरकार के कार्यकाल में शिक्षा और बुनियादी ढांचे में ऐतिहासिक सुधार हुए हैं, और शराब की बिक्री से आने वाले राजस्व का उपयोग ही तो राज्य की विकास योजनाओं में किया जा रहा है।

 

वहीं समाजवादी पार्टी ने कुछ आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि पिछले पांच सालों में यूपी में शराब की दुकानों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है, जबकि सरकारी स्कूलों की संख्या में न के बराबर बढ़ोतरी हुई है।

विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा सिर्फ चुनावी बयानबाज़ी नहीं है, बल्कि आने वाले चुनावों में एक बड़ा सियासी एजेंडा बन सकता है।
जहां सत्ताधारी दल इसे आर्थिक सुधार और राजस्व प्रबंधन का हिस्सा मानता है, वहीं विपक्ष इसे सामाजिक गिरावट और शिक्षा की उपेक्षा का प्रतीक बता रहा है।

जनता के बीच भी इस बयान को लेकर बहस शुरू हो चुकी है। सवाल ये है कि क्या यूपी सरकार वास्तव में शिक्षा को लेकर उतनी गंभीर है जितनी शराब के कारोबार को लेकर दिखाई देती है? और क्या अखिलेश यादव के आरोपों में कोई ठोस आधार है या फिर यह सिर्फ एक राजनीतिक हमला है?

आने वाले दिनों में इस बयान का असर यूपी की राजनीति में जरूर देखने को मिलेगा — और संभव है कि यह मुद्दा विधानसभा से लेकर चुनावी मंच तक गर्माया रहे।

Leave A Reply

Your email address will not be published.