
लखनऊ में गैस संकट: इंडेन सिलेंडर सप्लाई बंद!
LUCKNOW GAS SUPPY DISRUPTED: लखनऊ में इंडेन गैस सिलेंडर की सप्लाई को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। गुरुवार को ट्रांसपोर्टर्स के हड़ताल पर जाने के बाद इंडेन गैस सिलेंडरों की सप्लाई रुक गई। सरोजनीनगर के अमौसी स्थित इंडियन ऑयल के एलपीजी गैस बॉटलिंग प्लांट से गैस सिलेंडरों की सप्लाई प्रभावित होने की बात सामने आई है। ट्रांसपोर्टर्स का कहना है कि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है और लगातार नुकसान बढ़ता जा रहा है।
ट्रांसपोर्टर्स का आरोप है कि जब टेंडर की प्रक्रिया हुई थी, तब उन्हें बताया गया था कि करीब ढाई लाख रुपये तक का काम मिलेगा। लेकिन अब हालात बिल्कुल अलग हैं। ट्रांसपोर्टर्स का कहना है कि मौजूदा समय में उन्हें एक लाख रुपये का भी काम नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में गाड़ियां चलाने का खर्च निकालना मुश्किल हो गया है। डीजल, ड्राइवर और गाड़ी के दूसरे खर्च लगातार बढ़ रहे हैं, जबकि काम और कम होता जा रहा है।
ट्रांसपोर्टर्स का कहना है कि उन्होंने गैस सिलेंडरों की सप्लाई के लिए गाड़ियां लगाईं और इसके लिए कई लोगों ने बैंक से लोन तक लिया। अब जब गाड़ियों को पर्याप्त काम नहीं मिल रहा है तो उनकी कमाई प्रभावित हो रही है। हालत यहां तक पहुंच गई है कि कुछ ट्रांसपोर्टर्स के पास बैंक की तरफ से लोन की किस्त को लेकर नोटिस आने लगे हैं। उनका कहना है कि अगर यही स्थिति रही तो उनके सामने गाड़ियां चलाना और बैंक की किस्त भरना दोनों मुश्किल हो जाएगा।
इसी परेशानी को लेकर ट्रांसपोर्टर्स ने गुरुवार को हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताल का सीधा असर गैस सिलेंडरों की सप्लाई पर पड़ता दिखाई दे रहा है। अमौसी स्थित एलपीजी बॉटलिंग प्लांट से अलग-अलग इलाकों में सिलेंडर पहुंचाने वाली गाड़ियों के रुकने से सप्लाई व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। अगर हड़ताल लंबी चलती है तो इसका असर घरेलू गैस उपभोक्ताओं तक भी पहुंच सकता है।

ट्रांसपोर्टर्स का कहना है कि उनका विरोध किसी को परेशान करने के लिए नहीं है, बल्कि वे अपनी रोजी-रोटी और कारोबार को बचाने के लिए आवाज उठा रहे हैं। उनका कहना है कि जिस हिसाब से टेंडर के समय काम का भरोसा दिया गया था, उसी के मुताबिक काम मिलना चाहिए। उनका सवाल है कि अगर काम इतना कम हो गया है तो बैंक का लोन, गाड़ी का खर्च, ड्राइवर की सैलरी और बाकी खर्च कैसे पूरे किए जाएं?
वहीं इस पूरे मामले में अब नजर इस बात पर है कि इंडियन ऑयल और ट्रांसपोर्टर्स के बीच बातचीत कब होती है। अगर दोनों पक्षों के बीच जल्द कोई समाधान नहीं निकलता है तो हड़ताल आगे भी जारी रह सकती है। इसका असर गैस सिलेंडरों की डिलीवरी पर पड़ सकता है और लोगों को सिलेंडर मिलने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
लखनऊ जैसे बड़े शहर में इंडेन गैस की सप्लाई रुकना लोगों के लिए चिंता की बात है। घरों में खाना बनाने के लिए एलपीजी सिलेंडर जरूरी है। इसलिए अगर सप्लाई व्यवस्था लंबे समय तक प्रभावित होती है तो इसका असर बड़ी संख्या में परिवारों पर पड़ सकता है। हालांकि अभी सबसे जरूरी बात यह है कि ट्रांसपोर्टर्स और कंपनी के बीच बातचीत से जल्द कोई रास्ता निकले।
फिलहाल ट्रांसपोर्टर्स अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं और उनका कहना है कि जब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं होता, तब तक वे पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। दूसरी तरफ लोगों की नजर इस बात पर है कि इंडेन गैस सिलेंडरों की सप्लाई कब सामान्य होगी।
यानी एक तरफ ट्रांसपोर्टर्स अपने नुकसान और बैंक के लोन की चिंता में हैं, तो दूसरी तरफ आम उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित होने की चिंता है। अब पूरा मामला बातचीत और समाधान पर टिका हुआ है। अगर कंपनी और ट्रांसपोर्टर्स के बीच जल्द सहमति बनती है तो सप्लाई दोबारा सामान्य हो सकती है, लेकिन हड़ताल लंबी चली तो लखनऊ में गैस सिलेंडर की डिलीवरी पर इसका असर और बढ़ सकता है।