
पुरवा-उन्नाव : उन्होंने साफ तौर पर निर्देशित करते हुए कहा कि अगर आवारा मवेशी गौशालाओं की जगह सड़क पर दिखाई दिए तो सम्बंधित ग्राम प्रधान,सचिव व कर्मचारी की खैर नहीं, उन पर तत्काल एफ आई आर दर्ज कराऊंगा।एसडीएम ने मवेशियों को स्कूल में बंद करने वालों के खिलाफ मुकदमा लिखवाने हेतु ग्राम सचिव दीपक गौतम को सख्त निर्देश दिया है।गौरतलब है कि आवारा मवेशियों को लेकर राज्य सरकार की जो बदनामी हुई है और हो रही है, उसका तोड़ योगी सरकार आज तक नहीं खोज पायी हलांकि सरकार ने पशुआश्रय स्थलों के निर्माण व चारे पर करोड़ो रूपये पानी की तरह बहा दिए बावजूद आवारा मवेशी या तो सड़क पर असमय मर रहें हैं या फिर खेतों में लगे कटीले तारों में फंस कर तड़प तड़प कर जान दे रहें हैं। फसलें बचाने के लिए किसानों की रातें मेड़ पर कटती हैं।आवारा मवेशियों को लेकर किसानों के गुस्से को रोक पाने का उपाय खोजने वालों ने जो तरीका अपनाया वह भी स्थायी न होकर अस्थायी ही है।
गौरतलब है कि बीते कुछ दिनों से नगर पंचायत,ग्राम पंचायत के सभी कर्मचारियों को छुट्टा मवेशियों को पकड़ने के निर्देश दिए गयें हैं।कर्मचारी मवेशियों को पकड़ भी रहें हैं मगर समस्या जस की तश बनी हुई है।सूत्रों की मानें तो आवारा मवेशियों को लेकर राज्य सरकार सख्त हुयी है उसी का नतीजा आज पुरवा उपजिलाधिकारी की मीटिंग में साफ साफ दिखाई पड़ा।बताया गया है कि कल भदनांग के ग्रामीणों ने आवारा मवेशियों को स्कूल में बंद कर दिया था खबर ने आग में घी का काम किया।आलाधिकारियों के हस्तक्षेप बाद उप जिलाधिकारी राजेश चौरसिया ने सभी ग्राम विकास व नगर पंचायत के अधिकारियों के साथ मीटिंग कर सख्त तेवर में हिदायत देते हुए कहा कि अगर एक भी जानवर सड़क पर दिखाई दिया तो वह स्वयं सम्बंधित ग्राम प्रधान व कर्मचारी के विरुद्ध मुकदमा लिखाएँगे। एसडीएम ने कहा कि वह स्वंय किसी न किसी गौशाला को देखेंगे।कमी पाये जाने पर सख्त कार्यवाही होना तय है।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पुरवा आने की सूचना मिल रही है इसी को लेकर प्रसाशनिक अमला जी जान से जुटा हुआ है।सारा ध्यान आवारा मवेशियों को काबू करने में लगा दिया गया है।मीटिंग में पशु चिकित्साधिकारी पीके सिंह,एडीओ पंचायत हिलौली, असोहा के आलावां ग्राम विकास अधिकारी मौजूद रहे।