
ईरान का मास्टर प्लान आया सामने!
MIDDLE EAST:मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। Iran और United States के बीच बढ़ती टकराव की स्थिति ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। करीब दो महीने तक चले तनाव और सैन्य गतिविधियों के बाद अब ईरान की सत्ता के भीतर हुई एक बेहद अहम और कथित तौर पर सीक्रेट बैठक ने नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
बताया जा रहा है कि ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian और संभावित नए सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei के बीच करीब ढाई घंटे लंबी बंद कमरे में चर्चा हुई। इस बैठक को लेकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया और खुफिया एजेंसियों की नजरें टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि इस मीटिंग में अमेरिका और इजरायल के खिलाफ ईरान की अगली रणनीति पर चर्चा हुई हो सकती है।

इसी बीच ईरान ने दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक Strait of Hormuz को लेकर बड़ा कदम उठाया है। ईरान ने यहां से गुजरने वाले जहाजों की निगरानी और टैक्स वसूली के लिए नई एजेंसी बनाने का ऐलान किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस कदम से ईरान को हर साल 40 से 50 अरब डॉलर तक की कमाई हो सकती है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस टैक्स सिस्टम में अमेरिकी डॉलर की जगह चीनी युआन का इस्तेमाल किए जाने की चर्चा है। अगर ऐसा होता है तो यह सीधे तौर पर अमेरिका की आर्थिक ताकत और डॉलर की वैश्विक पकड़ को चुनौती देने जैसा माना जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि China और ईरान की बढ़ती नजदीकियां अमेरिका के लिए नई रणनीतिक चुनौती बन सकती हैं। चीन पहले ही मध्य पूर्व में अपनी आर्थिक और राजनीतिक मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, और अब ईरान के साथ उसका सहयोग वॉशिंगटन की चिंता बढ़ा सकता है। माना जा रहा है कि चीन ऊर्जा सुरक्षा और व्यापारिक हितों को ध्यान में रखते हुए ईरान के साथ बड़े समझौते कर सकता है। वहीं अमेरिका और इजरायल को डर है कि यह गठजोड़ क्षेत्र में शक्ति संतुलन बदल सकता है।
दूसरी तरफ Israel भी लगातार ईरान की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। इजरायल पहले ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम और उसके क्षेत्रीय प्रभाव को लेकर कई बार चिंता जता चुका है। अब अगर ईरान होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी पकड़ मजबूत करता है, तो इसका असर पूरी दुनिया की तेल सप्लाई और ग्लोबल ट्रेड पर पड़ सकता है। क्योंकि दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल इसी समुद्री रास्ते से गुजरता है। किसी भी तनाव या रुकावट से तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है, जिसका असर भारत समेत दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं पर दिखाई देगा।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ईरान आने वाले दिनों में कोई बड़ा कदम उठाने जा रहा है? क्या चीन और ईरान की बढ़ती साझेदारी अमेरिका और पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के लिए नई चुनौती बनेगी? और क्या मध्य पूर्व में एक और बड़े टकराव की आहट सुनाई दे रही है? फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें ईरान की अगली चाल पर टिकी हुई हैं।