
CJP प्रदर्शन में भोजन कराने वाले जुनैद ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया
INDIA LVE : CJP के जंतर-मंतर प्रदर्शन में छात्रों को खाना खिलाने वाले वालंटियर जुनैद मलिक सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उन्हें रास्ते से उठाकर करीब 6 घंटे तक हिरासत में रखा, धमकाया और बाद में देहरादून रोड़ पर सुनसान जगह पर छोड़ दिया।

जुनैद का कहना है कि पुलिस ने उनके परिवार को भी बिना कानूनी प्रक्रिया अपनाए परेशान किया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से परिवार के खिलाफ कार्रवाई पर रोक लगाने और पूरे मामले की कानून के मुताबिक जांच कराने की मांग की है।
याचिका के मुताबिक, 24 जुलाई की आधी रात को जुनैद मलिक एंटी-रेबीज का इंजेक्शन लगवाकर आरएमएल अस्पताल से लौट रहे थे। तभी पुलिस ने उसे उठा लिया और उनका मोबाइल फोन जबरन लेकर अनलॉक कराया गया और उसकी जांच की गई।

उनसे पूछा गया कि उन्हें फंडिंग कौन करता है और खाने की व्यवस्था के लिए पैसा कहां से आता है। याचिका में दावा किया गया है कि इसके बाद पुलिस उन्हें देहरादून रोड पर एक सुनसान जगह छोड़कर चली गई। वहां से जुनैद कैब लेकर दिल्ली वापस आए।
पुलिस ने जुनैद के पिता को हिरासत में लिया था
जुनैद मलिक ने यह भी आरोप लगाया है कि गाजियाबाद पुलिस ने उनके पिता को हिरासत में लिया और उनके घर पर छापा मारा। याचिका के मुताबिक, पुलिस उनकी विवाहित बहन के मेरठ स्थित ससुराल भी पहुंची और उनके ससुर और देवर को भी अपने साथ ले गई। बाद में सभी परिवार के सदस्यों को छोड़ दिया गया।

जुनैद बोले- आगे की कार्रवाई से रोका जाए
सुप्रीम कोर्ट से जुनैद ने मांग की है कि पुलिस को उनके परिवार के खिलाफ किसी भी तरह की आगे की कार्रवाई से रोका जाए और यदि कोई जांच हो तो वह पूरी तरह कानून के अनुसार की जाए।