
बाराबंकी : जैसै-जैसे महाशिवरात्रि का पर्व नजदीक आ रहा है वैसे-वैसे कावरियो के आगमन भी तेज हो गया है। इसी के साथ सेवादारों की तादाद भी बढती जा रही है जगह-जगह कैंप लगाकर सेवादार रात दिन कावरियो की सेवा मे लगे है । कोई जलपान करा रहा है तो अन्य फल इत्यादि को प्रसाद के रूप मे वितरण कर पुण्य कमा रहा है इसको लेकर सामाजिक लोगो मे होङ लगी है। बाबा केदारनाथ सेवा समिति भी इसमे पीछे नही है। बीते दो दिनो से पटेल तिराहे पर भण्ङारा संचालित करवा रहा है ।समिति के उपाध्यक्ष ङा.वीरेन्द्र वर्मा ने बताया कि सेवाभाव से जो सुख प्राप्त होता है वह किसी और मे नही है इसी उद्देश्य को लेकर सेवा समिति कई वर्षों से निरन्तर कार्य कर रही है । अध्यक्ष राजेन्द्र वर्मा, संरक्षक रामेश्वर पांङे, शिव कुमार सिंह , मनोज शुक्ला,सुन्दर लाल यादव, सुशील गुप्ता बाला जी समेत दर्जनो लोग सेवाभाव मे लगे है ।
महाशिवरात्रि महापर्व 11 मार्च को
महाशिवरात्रि का पर्व 11 मार्च को है इस दिन हजारो की संख्या मे कावरियो समेत तमाम श्रद्धालु प्रसिद्ध महादेव मंदिर पर जलाभिषेक कर भगवान भोले को प्रसन्न कर मनोवांछित फल की कामना करते है ।इससे पूर्व कावरियो के आगमन का सिलसिला पहले से ही शुरू हो जाता है । यहा इस अवसर पर मेला भी लगता है जिसे फाल्गुनी मेला भी कहते है उन्नाव , बिठूर, जालौन झांसी के अलावा कई प्रान्तो से आने वाले कांवङियो की आमद से सङक पर लाइन लगी है। हर हर महादेव का उदघोष करते हुए कांवङिये जत्था के जत्था चलते है । जानकारो बताते है कि पहले इस मेले मे महिलाए एंव लङकिया नही निकलती थी क्योकि इन्हे देखकर फूहङ फगुआ गाने लगते थे लेकिन यह परम्परा लगभग खत्म हो गयी है पुरुष कांवङियो के साथ साथ महिलाए जो कन्धे से कन्धा मिलाकर चल रही है ।