
लखनऊ के अलीगंज में अवैध हुक्का बार पर बड़ी कार्रवाई: 32 युवक गिरफ्तार, 25 हुक्के बरामद
लखनऊ: राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में पुलिस कमिश्नरेट की टीम ने एक बड़े अवैध हुक्का बार का भंडाफोड़ करते हुए 32 युवकों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई उस समय की गई जब पुलिस टीम गश्त और चेकिंग के दौरान “कोको आइकन कैफे सेक्टर बी” में अवैध रूप से चल रहे हुक्का बार की सूचना पर मौके पर पहुंची। यहां बिना लाइसेंस के नशीले फ्लेवर के साथ हुक्के परोसते हुए युवक रंगे हाथों पकड़े गए।पुलिस ने मौके से 25 हुक्के पाइप और फ्लेवर के साथ चालू हालत में बरामद किए। जब लाइसेंस या संचालन से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे गए, तो संचालकों द्वारा कोई भी वैध प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए हुक्का पी रहे 32 युवकों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, हुक्का बार के संचालक संदीप और अलीम पुलिस टीम के आने की भनक लगते ही मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश जारी है।गिरफ्तार आरोपियों में कई छात्र, प्राइवेट कर्मचारी, दुकानदार और कुछ बेरोजगार युवक शामिल हैं। आरोपियों में लखनऊ, गोपालगंज (बिहार), देवरिया, लखीमपुर खीरी, हरदोई, सीतापुर और अन्य जनपदों के निवासी शामिल हैं। पकड़े गए युवकों की उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच है।पुलिस ने इस अवैध संचालन को लेकर मु0अ0सं0 166/2025 अंतर्गत धारा 4/25 तम्बाकू उत्पाद प्रतिषेध अधिनियम में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार यह हुक्का बार बिना किसी लाइसेंस के संचालित हो रहा था और ग्राहकों को नशीले फ्लेवर मिलाकर परोसे जा रहे थे, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हैं।गिरफ्तार युवकों ने पूछताछ में बताया कि संचालक उन्हें यह विश्वास दिलाते थे कि हुक्का बार कानूनी है और इसके संचालन की अनुमति है। इसी बहाने वे बेरोकटोक नशीले पदार्थों की खपत को बढ़ावा दे रहे थे।इस कार्रवाई में थाना अलीगंज के प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार सोनकर के नेतृत्व में एक दर्जन से अधिक पुलिसकर्मियों की टीम ने हिस्सा लिया। पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस तरह की अवैध गतिविधियों पर कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।इस पूरे घटनाक्रम को अलीगंज क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने और नशाखोरी को रोकने की दिशा में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे इस प्रकार की अवैध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें, जिससे युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से रोका जा सके।
