
सीतापुर : पूरे संगम परिवार को बसंत पंचमी की बधाइयां व शुभ आशीष देते हुए अपने संबोधन में सभी का स्वागत कर काव्य पाठ किया। माता सरस्वती की कृपा से ही संगम परिवार संचालित हो रहा है। वह अपनी कृपा दृष्टि हम सभी पर बनाए रखें ताकि संगम भी आगे भी फलता फूलता रहे। संस्थान अध्यक्ष व संगम संरक्षक अनिल द्विवेदी ने अपने संबोधन में संगम के मंच से समस्त देशवासियों को पावन पर्व की बधाई देते हुए लेखकों से लेखनी में धार लाने के साथ.साथ सत्यता का परिचय कराएं तथा समस्याओं के समाधान पर प्रकाश डालने को कहा। जिनसे अपना देश सुरक्षित है, जिन्होंने बलिदान दिया है उन्हें भूलें नहीं। आज के सोशल मीडिया पर नकारात्मक पोस्ट को अनदेखा करते हुए विषय वस्तु पर ध्यान केंद्रित कर लेखनी को आगे बढ़ाएं। तभी माता सरस्वती की कृपा सार्थक होगी।
आवास पर संगम वरिष्ठ उपाध्यक्ष महफू ज रहमानी, प्रधुम्न द्विवेदी, शैलेन्द्री तिवारी व अन्य सदस्यों ने काव्यपाठ तथा रमाशंकर श्रीवास्तव ने बांसुरी वादन किया। एक ओर माता सरस्वती पूजन हुआ तो दूसरी ओर संस्थान की सहयोगी संस्था सीतापुर कराओ के गु्रप द्वारा 88 हजार ऋषियों की पावन धरा नैमिषारण्य में माँ ललिता देवी मन्दिर परिसर में प्रबन्धक मुन्नूलाल व विजय माली के संरक्षण में माता रानी का गुणगान भी हुआ। कराओके कोच जेई हरीश गौड़ ने संगीत का कार्यक्रम संचालित करते हुए कार्यक्रम को सीमा पर पहुँचाया। मन्दिर प्रबंधक ने अन्नपूर्णा परिवार की सराहना करते हुए 88 हजार ऋषियों की पावन धरा से सभी को कीर्तिमान स्थापित करने हेतु आशीर्वाद प्रदान करते हुए कार्यक्रम की सराहना की।
गायन में जेई हरीश गौड़, अभय श्रीवास्तव, नाहिद नाज, जुबैर अहमद, जावेद अहमद, मुस्कान तिवारी, दिव्या पांड्य, अम्बर श्रीवास्तव, यशवी चैरसिया ने गीतों की धुनों से कार्यक्रम सफल बनाया। संस्थान अध्यक्ष अनिल द्विवेदी द्वारा मंदिर प्रबंधक मुन्नूलाल, विजय माली व अन्य सम्मानित सदस्यों को स्मृति चिन्ह के तौर पर अंग वस्त्र, भगवान फोटो फ्रेम, गीता कैलेंडर व अन्य सामग्री प्रदान कर सम्मानित भी किया गया। इस दौरान शैलेन्द्री तिवारी, सीमा बाजपेयी, किरण पांडेय, रविन्द्र दीक्षित, गुरुजी, प्राची, ऋणी, राजित रंजन, सानवी मिष्ठा श्रीवास्तव, रामेश्वर दयाल, करन व अन्य भक्तजन आदि उपस्थित रहे।