
21 सितंबर 2026: बहराइच की 10 प्रमुख खबरें
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नेपाल यात्रा के लिए नया नियम: भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा करते हुए एसएसबी (SSB) ने नया नियम लागू किया है, जिसके तहत अब नेपाल जाने वाले नागरिकों को आधार कार्ड के साथ अन्य निर्धारित दस्तावेज भी साथ रखना अनिवार्य कर दिया गया है।
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तेंदुए की तलाश और रेस्क्यू ऑपरेशन: कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग और आसपास के इलाकों में जंगलों से निकलकर रिहायशी इलाकों की तरफ रुख करने वाले तेंदुओं की तलाश व सुरक्षा के लिए वन विभाग की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं, जिसमें हाथी (जैसे जयमाला व चंपाकली) भी मदद कर रहे हैं।
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बृजभूषण शरण सिंह का बयान: पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का एक बयान चर्चा में रहा, जिसमें उन्होंने बाबा रामदेव पर तीखा तंज कसा।
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जीएनएम प्रवेश परीक्षा का आयोजन: बहराइच के अलादादपुर स्थित स्पार्क कॉलेज ऑफ पैरामेडिकल साइंसेज एंड नर्सिंग में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के जीएनएम (GNM) पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई।
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गन्ना मूल्य और कर्ज माफी की मांग: भारतीय किसान यूनियन (BKU) के बैनर तले किसानों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर गन्ने का समर्थन मूल्य 600 रुपये करने और किसानों का कर्ज माफ किए जाने की पुरजोर मांग उठाई।
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विश्वकर्मा योजना का बढ़ा दायरा: केंद्र सरकार की विश्वकर्मा योजना का दायरा बढ़ाए जाने से जिले के बुनकर, सुनार सहित करीब 25000 से अधिक विभिन्न हुनरमंद पारंपरिक कारीगरों को आधुनिक औजार और लाभ मिलने की प्रक्रिया तेज हो गई है।
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बाढ़ और वन्यजीवों का संकट: नेपाल की तरफ से लगातार छोड़े जा रहे पानी और बारिश के चलते कतर्नियाघाट के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जिससे जंगली जानवर भोजन की तलाश में गांवों की तरफ आ रहे हैं।
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अग्निशमन केंद्र का निर्माण: जिले में आग की घटनाओं पर त्वरित नियंत्रण पाने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए 18.55 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक अग्निशमन केंद्र और आवासीय क्वार्टरों के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
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आयुष्मान आरोग्य केंद्रों का विस्तार: ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए जिले के आयुष्मान आरोग्य केंद्रों पर नई सुविधाएं शुरू की गई हैं, जिससे स्थानीय आबादी को लाभ मिल रहा है।
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सखी मार्ट और स्वयं सहायता समूह: महिलाओं की आर्थिक समृद्धि और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए जिले में ‘सखी मार्ट’ के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को एक ही छत के नीचे बेचने की व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है।