
बीबीएयू में विद्यार्थियों को स्वामी विवेकानंद योजना के अंतर्गत टैबलेट वितरित
लखनऊ: बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू), लखनऊ में अंतिम वर्ष (पास आउट) के विद्यार्थियों को उत्तर प्रदेश सरकार की स्वामी विवेकानंद योजना के अंतर्गत टैबलेट वितरित किए गए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में समाज कल्याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण मंत्री असीम अरुण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और बाबा साहेब के चित्र पर पुष्पांजलि के साथ हुआ। विश्वविद्यालय कुलगीत के पश्चात अतिथियों को पौधा और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। डीएसडब्ल्यू प्रो. नरेंद्र कुमार ने स्वागत भाषण दिया और कार्यक्रम की रूपरेखा बताई। मंच संचालन डॉ. तरूणा ने किया।मंत्री असीम अरुण ने अपने संबोधन में कहा कि यदि युवा सही दिशा में कार्य करें तो उनकी सोच और कल्पनाशक्ति प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का निर्माण युवाओं की शक्ति से ही संभव है। समाज में नवाचार और नई सोच की आवश्यकता पर बल देते हुए उन्होंने भारत के प्राचीन व्यापारिक इतिहास का उल्लेख किया और विद्यार्थियों को “Reform, Perform और Transform” का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वितरित टैबलेट अवसर की समानता का प्रतीक हैं, जो शिक्षा और उद्यमिता के नए द्वार खोलेंगे। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि बीबीएयू में डॉ. अम्बेडकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और अभ्युदय योजना को मिलाकर विद्यार्थियों के हित में कार्य किया जाएगा तथा इस वर्ष छात्रवृत्ति वितरण में किसी को समस्या नहीं होगी।कुलपति प्रो. मित्तल ने विद्यार्थियों को टैबलेट की उपयोगिता बताते हुए कहा कि यह केवल तकनीकी साधन नहीं, बल्कि ज्ञान की असीमित दुनिया तक पहुँचने का पासपोर्ट है। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था तेज़ी से डिजिटलाइजेशन की ओर बढ़ रही है और विद्यार्थियों को ‘Be Vocal for Local’ की भावना के साथ आत्मनिर्भर भारत की दिशा में योगदान देना चाहिए।डीन ऑफ अकेडमिक अफेयर्स प्रो. एस. विक्टर बाबू ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं। प्रो. नरेंद्र कुमार ने बताया कि टैबलेट वितरण तीन चरणों में उन विद्यार्थियों को किया गया, जिनका डाटा शासन स्तर पर वेरिफाई हुआ था।टैबलेट प्राप्त कर विद्यार्थियों ने प्रसन्नता और उत्साह व्यक्त किया। अंत में डॉ. तरूणा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में विभिन्न संकायों के संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, शिक्षक एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
