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लखनऊ के प्रमुख कैंसर संस्थान में आई प्रदेश की पहली साइबर नाइफ मशीन।

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लखनऊ के प्रमुख कैंसर संस्थान में आई प्रदेश की पहली साइबर नाइफ मशीन।

Lucknow News:लखनऊ चक गंजरिया स्थित कल्याण सिंह सुपर स्पेशलिटी कैंसर संस्थान में बुधवार को प्रदेश की पहली साइबर नाइफ रेडियोथेरेपी मशीन पहुंच गई। जल्द ही इसकी स्थापना होने के बाद इलाज शुरू हो जाएगा।

इस मशीन की कीमत 51 करोड़ रुपये है।

कैंसर संस्थान के निदेशक डॉ. एमएलबी भट्ट ने बताया कि इससे पहले साइबर नाइफ रेडियोथेरेपी मशीन सिर्फ अहमदाबाद के गुजरात कैंसर रिसर्च संस्थान में स्थापित है। इस मशीन के माध्यम से बेहद सटीक तरीके से कैंसर कोशिकाओं पर विकिरण का वार किया जाता है। इससे शरीर अन्य अंगों को नुकसान नहीं पहुंचता है। इस मशीन से मस्तिष्क, रीढ़, फेफड़े, लिवर, अग्न्याशय और प्रोस्टेट कैंसर का इलाज संभव है। इससे उन कैंसर का इलाज भी संभव है जिनका ऑपरेशन नहीं हो सकता है, या कैंसर ऐसे स्थान पर है जो बराबर हिलता-डुलता रहता है, या फिर कैंसर दोबारा पैदा हो गया है। संस्थान के वित्त अधिकारी और संयुक्त निदेशक रजनीकांत वर्मा ने बताया कि साइबर नाइफ का ई-टेंडर इसी साल सात जनवरी को हुआ था। प्रक्रिया पूरी होने के बाद मशीन संस्थान पहुंच चुकी है।

 

नाम साइबर नाइफ पर नहीं लगता है चीरा

इस मशीन का नाम साइबर नाइफ है, लेकिन इसमें रोगी के शरीर पर कोई चीरा नहीं लगाया जाता है। इसके बजाय रेडियोथेरेपी की उच्च मात्रा कैंसरग्रस्त हिस्से पर डाली जाती है। इसके प्रभाव से कैंसर नष्ट हो जाता है। इसकी विशेषता है कि शरीर के अन्य हिस्सों, यहां तक की आसपास के क्षेत्र पर भी इसका दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है।

 

पड़ोसी राज्यों को भी मिलेगा लाभ

निदेशक के मुताबिक इस सुविधा का लाभ प्रदेश के साथ ही पड़ोसी राज्यों को भी मिलेगा। साथ ही नेपाल, बांग्लादेश, भूटान के मरीजों भी इस सुविधा का लाभ ले सकेंगे। यह मशीन कैंसर के इलाज में मददगार साबित होगी और मरीजों के जीवन को बेहतर बनाएगी।

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