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सीआरपीएफ कैंप में वैक्सीनेशन करने पहुंची टीम को दो घंटे तक नहीं मिली एंट्री

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अमेठी : सूबे के जनपद अमेठी में गुरुवार को पुलिस के अधिकारियों व कर्मचारियों को कोरोना वैक्सीन लगाया जाना था। इसी क्रम में जब स्वास्थ्य विभाग की टीम जिले के त्रिसुंडी स्थित केंद्रीय रिज़र्व पुलिस के ग्रुप सेंटर में तैनात अधिकारियों और जवानों को वैक्सीन लगाने पहुंची तो उन्होंने वैक्सीन लगाने से इनकार कर दिया। जिसके बाद हड़कंप मच गया।स्वास्थय विभाग की टीम करीब दो घंटे तक सेंटर के गेट पर खड़ी रही लेकिन उन्हें इंट्री नहीं मिली। हालांकि बाद में जब सीएमओ आशुतोष दुबे मौके पर पहुंचे तो उन्होंने समझाया बुझाया तब कहीं जाकर वैक्सीनेशन का कार्य शुरू हुआ।

 

मिली जानकारी के अनुसार  प्रदेश में फ्रंटलाइन वर्कर्स को टीका लगाया जा रहा है। अमेठी में स्वास्थ्य विभाग की टीम जब कैंप पहुंची तो सीआरपीएफ के जवानों और अधिकारियों ने कोवैक्सीन लगवाने से मना कर दिया। उन्होंने मांग की कि कोविशील्ड वैक्‍सीन लगाई जाए। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की टीम समझाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन जवान व अधिकारी वैक्सीन लगवाने से इनकार कर रहे थे। बताया जा रहा की स्वास्थ्य टीम ने ग्रुप सेंटर में आने से पहले कोई  सूचना नहीं दी थी इसलिए ग्रुप के अधिकारी उनकी इंट्री पर पाबंदी लगा रहे थे। सूचना मिलने के बाद अमेठी के सीएमओ मौके पर पहुंचे और उन्होंने समझा बुझाकर वैक्सीनेशन का काम शुरू कराया।

 

बता दें कि प्रदेश भर में दो लाख फ्रंटलाइन वर्कर्स के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। केवल राजधानी लखनऊ में ही 98 बूथों पर 12 हजार लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य है। गुरुवार को कोविशील्ड और कोवैक्सीन का टीकाकरण में इस्तेमाल रहा है। इससे पहले प्रथम और दूसरे चरण में स्वास्थ्यकर्मियों को कोरोना वैक्सीन किया जा चुका है। सनद रहे कि कोविशील्ड वैक्सीन शीरम इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया पुणे द्वारा तैयार की गई है जबकि कोवैक्सीन को भारत बायोटेक ने तैयार किया गया है। 16 जनवरी से जब देश में कोरोना टीकाकरण की शुरुआत हुई तो इन्हीं दो वैक्सीन को लगाया जा रहा है।

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