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ईरान पर ट्रंप का बड़ा हमला! पिकैक्स माउंटेन निशाने पर!

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ईरान पर ट्रंप का बड़ा हमला! पिकैक्स माउंटेन निशाने पर!

IRAN US WAR: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के एक ऐसे ठिकाने को निशाना बनाने की धमकी दी है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया है। इस ठिकाने का नाम है पिकैक्स माउंटेन। 4 सितंबर को ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस जगह पर बहुत जल्द हमला कर सकता है। यह बयान इसलिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि पिकैक्स माउंटेन कोई सामान्य पहाड़ नहीं है। इसके नीचे जमीन के अंदर बड़े और बेहद मजबूत सुरंग परिसर बनाए गए हैं और यह जगह ईरान के नतांज परमाणु परिसर के बेहद करीब है।

अब सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर अमेरिका की नजर पिकैक्स माउंटेन पर क्यों है? दरअसल पिकैक्स माउंटेन को ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी एक महत्वपूर्ण और बेहद सुरक्षित जगह माना जाता है। इसका असली नाम कुह-ए-कोलांग गज ला बताया जाता है। सैटेलाइट तस्वीरों में यहां पहाड़ के अंदर जाने वाले कई बड़े सुरंगों के प्रवेश द्वार दिखाई दिए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक यहां काफी समय से निर्माण का काम चल रहा है और अमेरिकी तथा इजरायली अधिकारियों की नजर इस जगह पर बनी हुई है। सबसे खास बात यह है कि यह पूरा परिसर जमीन के ऊपर नहीं, बल्कि पहाड़ के अंदर बनाया जा रहा है।

पिकैक्स माउंटेन की अहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि यह नतांज परमाणु परिसर के बहुत करीब है। नतांज ईरान के सबसे महत्वपूर्ण यूरेनियम संवर्धन केंद्रों में से एक है। पहले भी नतांज को निशाना बनाया जा चुका है, लेकिन पहाड़ के अंदर बनाए जा रहे इस नए परिसर ने सुरक्षा से जुड़ी नई चिंता पैदा कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि जमीन के बहुत नीचे बनाए गए ठिकाने सामान्य हवाई हमलों के लिए ज्यादा मुश्किल लक्ष्य हो सकते हैं। हालांकि इस समय यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि पिकैक्स माउंटेन के अंदर ईरान ने वास्तव में अपने परमाणु कार्यक्रम का कितना हिस्सा स्थानांतरित किया है। यही वजह है कि इस जगह को लेकर कई तरह के दावे और आशंकाएं सामने आ रही हैं।

अब सवाल उठता है कि क्या ईरान ने नतांज और दूसरे परमाणु ठिकानों पर हमलों के बाद अपने परमाणु कार्यक्रम को पिकैक्स माउंटेन में शिफ्ट कर दिया है? इसका सीधा और पक्का जवाब अभी सामने नहीं है। उपलब्ध रिपोर्टों में इस जगह को परमाणु कार्यक्रम से जुड़ा हुआ और निर्माणाधीन भूमिगत परिसर बताया गया है, लेकिन इसके अंदर इस समय वास्तव में क्या गतिविधियां हो रही हैं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि सीमित है। इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि ईरान ने अपना पूरा परमाणु कार्यक्रम यहां स्थानांतरित कर दिया है। लेकिन इतना जरूर है कि अमेरिका इस जगह को गंभीरता से देख रहा है।

पिकैक्स माउंटेन की सबसे बड़ी खासियत इसकी जमीन के नीचे मौजूद संरचना है। सैटेलाइट तस्वीरों में पहाड़ के आसपास बड़े निर्माण क्षेत्र और सुरंगों के रास्ते दिखाई दिए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक यहां दो बड़े भूमिगत सुरंग परिसर हैं। यही वजह है कि अमेरिका के लिए यह जगह एक कठिन सैन्य लक्ष्य मानी जा रही है। अगर किसी देश का महत्वपूर्ण सैन्य या परमाणु ढांचा जमीन के काफी नीचे बनाया गया हो तो उसे नुकसान पहुंचाना जमीन के ऊपर मौजूद किसी सामान्य इमारत की तुलना में कहीं ज्यादा मुश्किल हो सकता है।

यही कारण है कि ट्रंप के ताजा बयान के बाद दुनिया भर में सवाल उठने लगे हैं कि अगर अमेरिका वास्तव में पिकैक्स माउंटेन पर हमला करता है तो ईरान की तरफ से क्या प्रतिक्रिया आएगी। क्योंकि ईरान पहले ही साफ कर चुका है कि उसके परमाणु और सैन्य ठिकानों पर हमला होने की स्थिति में वह जवाब दे सकता है। ऐसे में पिकैक्स माउंटेन पर हमला केवल एक और हवाई हमला नहीं माना जाएगा, बल्कि यह अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष को और ज्यादा बढ़ाने वाला कदम बन सकता है।

यहां एक और महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। अमेरिका का कहना है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना उसकी बड़ी प्राथमिकताओं में से एक है। दूसरी तरफ ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को शांतिपूर्ण उद्देश्यों से जुड़ा बताता रहा है। दोनों देशों के बीच इसी मुद्दे पर लंबे समय से तनाव चला आ रहा है। अब जब अमेरिका की नजर एक नए भूमिगत ठिकाने पर है, तो परमाणु कार्यक्रम को लेकर विवाद और ज्यादा गंभीर हो सकता है।

पिकैक्स माउंटेन को लेकर चिंता इसलिए भी बढ़ रही है क्योंकि पहले से ही ईरान के कई परमाणु ठिकाने चर्चा में हैं। नतांज और फोर्डो जैसे स्थानों पर कार्रवाई के बाद ईरान के परमाणु ढांचे को लेकर सवाल उठे थे। लेकिन अगर अमेरिका अब ऐसे ठिकाने को निशाना बनाता है जो पहाड़ के अंदर मौजूद है, तो यह संघर्ष के एक नए चरण की शुरुआत हो सकती है। ट्रंप का ताजा बयान इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी खबर बन गया है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अमेरिका हमला करेगा या यह सिर्फ दबाव बनाने की रणनीति है? ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका पिकैक्स माउंटेन पर बहुत जल्द कार्रवाई कर सकता है, लेकिन केवल इस बयान के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि हमला निश्चित रूप से होने वाला है। अमेरिका के पास सैन्य कार्रवाई के अलावा कूटनीतिक और दूसरे विकल्प भी हो सकते हैं। इसलिए आने वाले दिनों में अमेरिकी प्रशासन के अगले कदम पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।

अगर हमला होता है तो ईरान की प्रतिक्रिया सबसे बड़ा मुद्दा होगी। ईरान जवाबी कार्रवाई करता है तो अमेरिका और ईरान के बीच तनाव तेजी से बढ़ सकता है। इसका असर केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं रहेगा। खाड़ी क्षेत्र, तेल की कीमतें, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और दूसरे देशों की सुरक्षा पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है। खास तौर पर अगर संघर्ष ज्यादा लंबे समय तक चलता है तो इसका असर दुनिया की अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई दे सकता है।

लेकिन अभी सबसे जरूरी बात यही है कि पिकैक्स माउंटेन के बारे में सामने आ रही हर जानकारी को सावधानी से समझा जाए। यह जगह बेहद संवेदनशील है और इसके अंदर वास्तव में क्या मौजूद है, इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं है। सैटेलाइट तस्वीरों और विशेषज्ञों के विश्लेषण से भूमिगत सुरंगों और निर्माण गतिविधियों का पता चलता है, लेकिन अंदर चल रही हर गतिविधि की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे ईरान का पूरा परमाणु कार्यक्रम कह देना सही नहीं होगा।

फिलहाल ट्रंप की धमकी ने ईरान-अमेरिका तनाव को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। एक तरफ अमेरिका पिकैक्स माउंटेन को संभावित लक्ष्य के रूप में देख रहा है, तो दूसरी तरफ ईरान के लिए यह एक बेहद संवेदनशील मुद्दा है। अगर यहां हमला होता है तो आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ईरान क्या प्रतिक्रिया देता है और अमेरिका इसके बाद क्या कदम उठाता है।

कुल मिलाकर पिकैक्स माउंटेन इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह नतांज के पास मौजूद एक गहराई में बना भूमिगत परिसर है, जिसे ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जोड़ा जाता रहा है। ट्रंप के ताजा बयान ने इस जगह को एक बार फिर दुनिया के सामने ला दिया है। अभी यह साफ नहीं है कि अमेरिका वास्तव में हमला करेगा या नहीं और यह भी पूरी तरह पुष्ट नहीं है कि ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम का कितना हिस्सा यहां स्थानांतरित किया है। लेकिन इतना जरूर है कि अगर अमेरिका ने इस जगह पर हमला किया, तो ईरान-अमेरिका संघर्ष और ज्यादा गंभीर दौर में जा सकता है।

अब पूरी दुनिया की नजर इसी सवाल पर है—क्या पिकैक्स माउंटेन पर अमेरिका की कार्रवाई होगी, या फिर आखिरी वक्त में कूटनीति के जरिए इस टकराव को रोकने की कोशिश की जाएगी? आने वाले दिन इस पूरे संकट की दिशा तय कर सकते हैं।

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