
श्मशान की जमीन पर कब्जे से मचा बवाल, प्रशासन पर उठे सवाल
INDIA LIVE: लखनऊ के पौश इलाके सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्र के मुजफ्फरनगर घुसवल गांव में श्मशान की जमीन पर प्रापर्टी डीलरों ने अवैध कब्जा कर लिया है। इससे नाराज किसानों और गांव के लोगों ने श्मशान घाट पर समाधियों के पास में पहंचकर अवैध कब्जा हटाने की मांग की है। मौके पर अंसल कंपनी के खिलाफ मुर्दाबाद बोलते हुए जमकर नारे बाजी भी की है।
लोगों का कहना है कि सरकार की तरफ से भू-माफियाओं पर कार्रवाई की जा रही है,लेकिन राजधानी लखनऊ में ही सरकारी श्मशान घाट की जमीन पर प्रापर्टी डीलरों ने करोड़ो रुपए की जमीन पर अवैध कब्जा बनाया हुआ है। इसके साथ ही वार्ड में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन और जलभराव की समस्या होती है। जलभराव की समस्या होने के कारण सुल्तानपुर जाने वाले मुख्य मार्ग पर जलभराव की स्थिति होती है।

रोड़ो की जमीन पर प्रापर्टी डीलरों का कब्जा. मुजफ्फरनगर घुसवल गांव में श्मशान की 10 बीघा जमीन को प्रॉपर्टी डीलरों और बिल्डरों ने कब्जा कर प्लॉट काटकर बेच दिए। मामले में गांव के लोगों की तरफ से नगर निगम, जिला प्रशासन सहित कई जगहों पर शिकायत की गई है। बावजूद इसके अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। करीब 10 दिन पहले भी शिकायत मिलने पर नगर निगम और तहसील सरोजनीनगर की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। जमीन पर प्लॉटिंग और निर्माण देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। राजस्व अभिलेखों के अनुसार ग्राम सभा मुजफ्फरनगर घुसवल की गाटा संख्या 415 की 2.5420 हेक्टेयर भूमि श्मशान के रूप में दर्ज है।

ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से इसी स्थान पर गांव के लोगों का अंतिम संस्कार होता रहा है, लेकिन अब इस भूमि पर कब्जा कर बस्ती विकसित कर दी गई है। कई हिस्सों में प्लॉट काटकर लोगों को बेच दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान जैसी सार्वजनिक और धार्मिक महत्व की जमीन पर कब्जा कर उसे बेच दिया गया। इससे भविष्य में गांव के लोगों के सामने अंतिम संस्कार के लिए स्थान का संकट खड़ा हो सकता है।

ग्रामीणों ने इसे प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा बताते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आरोप है कि इसमें जिला प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों की मिलीभगत के कारण करोड़ो रुपए के सरकारी प्रापर्टी पर कब्जा हुआ है।