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लखनऊ में तेजी से बढ़ते जा रहे वायरल फीवर के मरीज

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लखनऊ में तेजी से बढ़ते जा रहे वायरल फीवर के मरीज

Lucknow News:बारिश के इस मौसम में सरकारी अस्पतालों में मरीजों की लंबी लाइन लग रही है। राजधानी के डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या में हर दिन बढ़ती जा रही है।

ज्यादातर मरीज जनरल मेडिसिन में देखने के लिए आ रहे हैं। अधिकतर मरीज खांसी, जुकाम और बुखार की समस्या के साथ आ रहे हैं। हालात ये हैं कि रजिस्ट्रेशन काउंटर से लेकर डाक्टर के कमरे तक लंबी कतारें लग रही हैं। वहीं, जनरल मेडिसिन वार्ड में मरीजों के लिए बेड भी उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।

ओपीडी में वेटिंग टाइम डबल

मरीजों की संख्या बढ़ने से ओपीडी में वेटिंग टाइम काफी बढ़ गया है। पहले जहां औसतन एक से डेढ़ घंटे का समय डाक्टर को दिखाने में लगता था, वहीं अब तीन से चार घंटे तक लग रहे हैं। मरीजों की संख्या बढ़ने से जनरल मेडिसिन वार्ड में मरीजों को बेड भी नहीं मिल पा रहा है।

खांसी, जुकाम और बुखार के मरीज अधिक

अस्पताल प्रशासन के अनुसार पिछले सप्ताहों की तुलना में इस सप्ताह जनरल मेडिसिन विभाग में दोगुणा मरीज आ रहे हैं। ओपीडी में आने वाले मरीजों में खांसी, जुकाम और बुखार के मरीज सर्वाधिक संख्या में पहुंच रहे हैं। डाक्टर्स भी इसे सीजनल बुखार और वायरल बता रहे हैं। वहीं, जांच के बाद कुछ मरीज मलेरिया और डेंगू के भी मिल रहे हैं।

इस सीजन में ध्यान रखें

-हाथ बार-बार साबुन, सैनिटाइजर से धोएं, भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क का प्रयोग करें।

-घर और आसपास पानी न जमने दें, मच्छरदानी या रिपेलेंट का इस्तेमाल करें।

-उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पिएं, बासी या कटे फलों का सेवन न करें।

-बुखार, खांसी-जुकाम या कमजोरी महसूस हो तो तुरंत जांच कराएं।

बोले मरीज…

मैं सीतापुर से आई हूं। सुबह 9 बजे पर्चा कटवा लिया था। एक बज रहा है लेकिन अभी तक नंबर नही आया है। ऐसी भीड़ पहले नहीं देखी। बैठने की जगह तक नहीं है। मजबूरन नीचे बैठना पड़ रहा है।

लीलावती

सुबह 7 बजे से लाइन में लगा हूं। 9 बज गए हैं अभी तक पर्चा तक नहीं बन पाया है। डाक्टर को कब दिखाऊंगा, पता नहीं। मरीजों की संख्या बढ़ गयी है तो अस्पताल को व्यवस्थाएं भी बढ़ानी चहिए थीं।

रामकुमार

मैं मल्हौर से आया हूं। मेरे पिताजी को तेज बुखार है। डाक्टर ने एडमिट के लिए बोला है, लेकिन वार्ड में बेड नहीं है। भर्ती करने से मना कर दिया। पिता जी बुखार से तड़प रहे हैं। अब मुझे मजबूरन प्राइवेट अस्पताल जाना पड़ेगा।

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