
मिशन शक्ति 5.0 के तहत बीकेटी में महिला सशक्तिकरण पर जागरूकता सत्र आयोजित
महिलाओं को कानूनी अधिकारों, सुरक्षा उपायों और सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी
लखनऊ: महिला सशक्तिकरण को समर्पित “मिशन शक्ति 5.0” अभियान के अंतर्गत थाना बीकेटी द्वारा कस्बा बीकेटी में एक विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य “मिलकर हाथ बढ़ाएँ, मिशन शक्ति को सफल बनाएँ” के संकल्प को साकार करना था। इसमें उपस्थित महिलाओं और बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों, घरेलू हिंसा से सुरक्षा संबंधी प्रावधानों, विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभ, और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई।सत्र के दौरान महिलाओं को बताया गया कि कौन-कौन से आचरण अपराध की श्रेणी में आते हैं, साइबर फ्रॉड से कैसे बचा जा सकता है, और डिजिटल अरेस्टिंग जैसी भ्रांतियों से सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्हें यह भी बताया गया कि ओटीपी किसी के साथ साझा न करें और ऑनलाइन पेमेंट करते समय सावधानी बरतें।कार्यक्रम में महिला हेल्पलाइन नंबर 1076, 1090, 112, 181, 1930, 102, और 108 की जानकारी दी गई ताकि जरूरत पड़ने पर महिलाएं तुरंत सहायता प्राप्त कर सकें। इसके साथ ही महिला हेल्प डेस्क, मिशन शक्ति केंद्र के कार्यों तथा मुख्यमंत्री द्वारा महिलाओं के हित में संचालित योजनाओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत लखनऊ कमिश्नरेट में पुलिस आयुक्त अमरेन्द्र कुमार सेंगर के निर्देशन में अब तक 54 थानों में मिशन शक्ति केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। प्रत्येक केंद्र पर एक निरीक्षक, एक अतिरिक्त निरीक्षक, एक उपनिरीक्षक तथा एक महिला उपनिरीक्षक की नियुक्ति की गई है, ताकि महिलाओं से संबंधित सभी शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके।थाना बीकेटी में आयोजित इस कार्यक्रम में महिला कांस्टेबल सलमा बानो और सरिता पटेल ने नेतृत्व किया। लगभग 20 से 30 महिलाओं और बच्चों ने इसमें भाग लिया।मिशन शक्ति 5.0 का प्राथमिक उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को सुनिश्चित करना है। इसके तहत महिलाओं को हिंसा से सुरक्षा, त्वरित न्याय, कानूनी सहायता, पुनर्वास सुविधाएं, कौशल विकास, उद्यमिता और रोजगार के अवसर प्रदान करने पर बल दिया जा रहा है। साथ ही समाज में लैंगिक समानता, शिक्षा, स्वास्थ्य, और राजनीतिक भागीदारी को प्रोत्साहित किया जा रहा है।यह पहल न केवल महिलाओं को उनकी शक्ति का बोध कराती है बल्कि एक सुरक्षित, सम्मानजनक और समान समाज की दिशा में ठोस कदम साबित हो रही है। बीकेटी में आयोजित यह जागरूकता सत्र महिला सशक्तिकरण की दिशा में पुलिस विभाग के सतत प्रयासों का जीवंत उदाहरण बना।
