
मनरेगा को खत्म करने की साजिश: नासिर हुसैन का मोदी सरकार पर बड़ा हमला, एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप
लखनऊ: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव और राज्यसभा सांसद सैय्यद नासिर हुसैन ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित एक अहम प्रेसवार्ता में केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मनरेगा को “सुनियोजित तरीके से खत्म करने” और विपक्षी नेताओं के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों के “राजनीतिक दुरुपयोग” का गंभीर आरोप लगाया। इस मौके पर राज्यसभा उपनेता प्रमोद तिवारी, पूर्व सांसद पी.एल. पुनिया और विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा ‘मोना’ समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता मौजूद रहे।
मनरेगा पर हमला: गरीबों के काम के अधिकार को खत्म करने का आरोप
सैय्यद नासिर हुसैन ने लोकसभा से पारित नए विधेयक को दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना पर सीधा हमला बताया। उन्होंने कहा कि यह कानून मनरेगा के मूल स्वरूप को खत्म कर रहा है और गरीब मजदूरों के संवैधानिक अधिकारों को कमजोर कर रहा है। उन्होंने इसके विरोध में पांच प्रमुख बिंदु गिनाए।
उन्होंने कहा कि मनरेगा अब ‘काम का अधिकार’ न रहकर केंद्र सरकार की इच्छा पर निर्भर एक प्रशासनिक योजना बन गई है। इसके साथ ही 40 प्रतिशत खर्च राज्यों पर डालकर लगभग 50 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ थोप दिया गया है।
नासिर हुसैन के अनुसार, नए नियमों के तहत काम को किसी भी समय रोका जा सकता है, जिससे मजदूरों को निजी खेतों में सस्ते श्रम के लिए मजबूर किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायतों और ग्राम सभाओं की शक्तियां छीनकर तकनीकी डैशबोर्ड और बायोमेट्रिक सिस्टम के हवाले कर दी गई हैं। साथ ही मनरेगा की मांग-आधारित प्रकृति खत्म कर अब बजट केंद्र सरकार तय करेगी, न कि मजदूरों की जरूरत।
नेशनल हेराल्ड केस पर कोर्ट के फैसले का स्वागत
प्रेसवार्ता में नासिर हुसैन ने नेशनल हेराल्ड मामले में हालिया अदालती टिप्पणी का स्वागत करते हुए कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ यह केस निजी दुश्मनी से प्रेरित था। उन्होंने कहा कि स्पेशल कोर्ट ने 2021 में शुरू की गई ईडी की मनी लॉन्ड्रिंग जांच पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अदालत ने माना कि जब 2014-15 में सीबीआई ने कोई एफआईआर दर्ज नहीं की थी, तब ईडी की कार्रवाई PMLA के ढांचे के खिलाफ थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि 50 घंटों की पूछताछ सिर्फ सुर्खियां बनाने के लिए की गई थी, न्याय के लिए नहीं। नासिर हुसैन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की।
2027 की तैयारी और सड़क से संसद तक संघर्ष का ऐलान
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि पार्टी इस जनविरोधी और संघीय ढांचे के खिलाफ सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि तकनीकी खामियों के नाम पर मजदूरों को बाहर करना ‘डिजिटल गुलामी’ की ओर धकेलने जैसा है।
नासिर हुसैन ने कहा कि ग्रामीण गरीबों को संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत सम्मानजनक जीवन और रोजगार की जो गारंटी मिली है, उसे छीना जा रहा है और कांग्रेस इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी।
