
बलरामपुर के मदरसे में फर्जी शिक्षक नियुक्ति का खुलासा, बिना पढ़ाए उठा रहा था वेतन, अभियुक्त गिरफ्तार
बलरामपुर के मदरसे में फर्जी शिक्षक नियुक्ति का खुलासा, बिना पढ़ाए उठा रहा था वेतन, अभियुक्त गिरफ्तार
बलरामपुर: बलरामपुर जिले के तुलसीपुर क्षेत्र में स्थित एक मदरसे में फर्जी नियुक्ति और सरकारी धन के गबन का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने कूट रचित दस्तावेजों के जरिए सहायक अध्यापक की फर्जी नियुक्ति कर वेतन उठाने वाले एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले ने अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों में हो रहे कथित घोटालों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
बिना आवेदन बने सहायक अध्यापक
मामला थाना तुलसीपुर क्षेत्र के मदरसा जामिया अरबिया अनवारुल उलूम से जुड़ा है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी यशवंत कुमार मौर्य ने 24 दिसंबर 2025 को थाना तुलसीपुर में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि मदरसे में छलपूर्वक फर्जी दस्तावेज तैयार कर सहायक अध्यापक की नियुक्ति की गई। प्रधानाचार्य और लिपिक द्वारा उपस्थिति रजिस्टर प्रमाणित कर लगातार फर्जी वेतन बिल भेजे गए, जिससे सरकारी धन का गबन हुआ।
तहरीर के आधार पर थाना तुलसीपुर में मु0अ0सं0 264/2025 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा
पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देश पर गठित टीम ने जांच के दौरान अभियुक्त मो0 अहमद अंसारी पुत्र अब्दुल कादिर, निवासी ग्राम शेखपुर, थाना कोतवाली देहात, जनपद बलरामपुर को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि उसके पास एक नियुक्ति पत्र आया था, जबकि उसने कभी इसके लिए आवेदन ही नहीं किया था। अप्रैल 2025 में मदरसे के लिपिक ने उसकी ज्वाइनिंग कराई, लेकिन वह न तो कभी पढ़ाने गया और न ही उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर किए। इसके बावजूद सितंबर 2025 तक उसके खाते में नियमित वेतन आता रहा। बाद में उसने सितंबर माह में त्यागपत्र दे दिया।
प्रबंधन की भूमिका भी जांच के घेरे में
पुलिस के अनुसार एफआईआर में मदरसे के प्रधानाचार्य मेराज अहमद, लिपिक अजीज अंसारी और प्रबंधक अहमदुल कादरी का नाम दर्ज है। इन सभी की भूमिका की गहन जांच की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि मदरसा प्रबंधन समिति और इससे जुड़े लोग फर्जी शिक्षकों की नियुक्ति कर सरकारी धन का दुरुपयोग कर रहे हैं। ऐसे मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी दर्ज हो चुका है मुकदमा
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि इससे पहले भी इसी मदरसे के लिपिक और प्रधानाचार्य के खिलाफ एक मामला दर्ज किया जा चुका है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
