diwali horizontal

ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई: ट्रम्प प्रशासन में रणनीतिक बहस और कूटनीतिक संतुलन

0 30

ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई: ट्रम्प प्रशासन में रणनीतिक बहस और कूटनीतिक संतुलन

 

IRAN -US Tensionईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर अमेरिकी प्रशासन में गंभीर बहस जारी है। राष्ट्रपति Donald Trump की टीम के भीतर इस मुद्दे पर दो धड़े स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने सार्वजनिक रूप से चेतावनी दी है कि ईरान के खिलाफ बड़ा हमला अमेरिका को लंबे, खतरनाक और अनिश्चित युद्ध में फंसा सकता है। उनके अनुसार किसी भी सैन्य कार्रवाई का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष असर व्यापक होगा, जिसमें अमेरिकी सैनिकों की जान का जोखिम, मध्यपूर्व में स्थिरता का खतरा और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में जटिलताएँ शामिल हैं। वहीं, ट्रंप के कुछ करीबी सलाहकार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि सैन्य विकल्प के बजाय कूटनीतिक समाधान को पहले मौका दिया जाना चाहिए। उनका कहना है कि अगर अमेरिका तुरंत हमला करता है, तो इससे ईरान के उत्तराधिकारी रणनीतिक मोर्चों पर मजबूती से कदम रख सकते हैं और क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकते हैं।

इस बीच, मीडिया रिपोर्ट्स और अंतरराष्ट्रीय विश्लेषक दोनों ही इस पर ध्यान दे रहे हैं कि अमेरिका की रणनीति केवल “दबाव और संवाद” के बीच संतुलन बनाने की कोशिश हो सकती है। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि ईरान को अपने न्यूक्लियर कार्यक्रम और क्षेत्रीय गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए सख्त संदेश देना आवश्यक है, लेकिन इस संदेश के लिए तत्काल बड़े सैन्य हमले के बजाय अन्य विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। इसके अलावा, अमेरिका के यूरोपीय और खाड़ी सहयोगियों के बीच भी विचार-विमर्श जारी है, ताकि यदि सैन्य कार्रवाई होती है तो उसका अंतरराष्ट्रीय समर्थन और राजनीतिक वैधता बनी रहे।

विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान स्थिति में सैन्य कार्रवाई की संभावना फिलहाल सीमित है, और अमेरिका कूटनीति, आर्थिक दबाव और सशस्त्र बलों की तैयारी का संतुलित मिश्रण अपनाकर ईरान पर दबाव बनाए रखना चाहता है। इसी बीच, ईरान भी चेतावनी जारी कर चुका है कि किसी भी अमेरिकी आक्रामक कदम का जवाब निर्णायक और सख्त होगा। ऐसे में अमेरिका, ट्रंप प्रशासन और उनके सलाहकार यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि कोई भी कदम क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता को खतरें में न डालें।
इस पूरी बहस का सार यह है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अपने चरम पर है, लेकिन बड़े सैन्य संघर्ष के बजाय दोनों पक्ष फिलहाल सावधानी और रणनीतिक सोच के साथ कदम बढ़ा रहे हैं। ट्रंप प्रशासन के भीतर जारी यह बहस दर्शाती है कि राष्ट्रपति की प्राथमिकता केवल ताकत दिखाने तक सीमित नहीं है, बल्कि दीर्घकालिक रणनीतिक और राजनीतिक परिणामों को भी ध्यान में रखकर निर्णय लेने की है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.