
लखनऊवासियों को सताएगी भीषण गर्मी, 42°C तक पहुंचेगा तापमान
HEATWAVE ALERT: लखनऊ में जून की शुरुआत के साथ ही गर्मी बढ़ने लगी है। आज, बुधवार सुबह 7 बजे तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार आज अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
मौसम विभाग का कहना है कि अगले छह दिनों में गर्मी और बढ़ सकती है। इस दौरान अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। जिससे लोगों को तेज धूप और गर्म हवाओं का सामना करना पड़ सकता है। विभाग ने हीटवेव और वार्म नाइट का अलर्ट जारी किया है।
सुबह से ही तेज धूप निकलने के कारण लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है। सुबह 8 बजे के बाद तापमान में तेजी से बढ़ोतरी शुरू हो गई और दोपहर तक इसके 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। फिलहाल आसमान साफ रहने के कारण बारिश की संभावना नहीं है।
मौसम के ताजा आंकड़ों के अनुसार हवा की गति महज 2 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई, जिससे गर्म हवाओं से राहत मिलने की संभावना कम है। वहीं, आर्द्रता का स्तर 63 प्रतिशत रहने के कारण उमस भी लोगों को परेशान कर सकती है।
आने वाले दिन में और उमस बढ़ने से लोगों को सताएगी गर्मी
पूर्वानुमान के मुताबिक गुरुवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री, शुक्रवार और शनिवार को 39 डिग्री तथा रविवार तक इसके 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। इसके साथ ही न्यूनतम तापमान 29 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहेगा।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश की राजधानी में मौसम शुष्क रहेगा और तापमान में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। ऐसे में दोपहर के समय घर से बाहर निकलने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी जा रही है।
जून में ज्यादा दिन चलेगी लू
मौसम विभाग ने मानसून-2026 को लेकर दूसरा अपडेट जारी करते हुए बताया है कि इस बार मानसून के दौरान प्रदेश में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। जून महीने की शुरुआत में भी लखनऊ समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा और तापमान सामान्य से अधिक रहने के आसार हैं।
इसके चलते जून में लू के दिन सामान्य से 2-3 दिन अधिक हो सकते हैं। मौसम विभाग के अनुसार, प्रशांत महासागर में बन रही एल-निनो परिस्थितियों और हिंद महासागर की मौजूदा स्थिति का असर मानसून पर पड़ सकता है। इससे पूरे मानसून सीजन में बारिश कम रहने की संभावना जताई गई है।