
होर्मुज में 27 भारतीयों वाले टैंकर पर हमला!
ATTACK ON TANKER IN HORMUZ:अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग का असर अब समुद्र में चलने वाले जहाजों पर भी दिखाई देने लगा है। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से एक ऐसी खबर आई है, जिसने भारत की चिंता बढ़ा दी है। यहां 27 भारतीय नाविकों को लेकर जा रहे एक तेल टैंकर को विस्फोटक हमले का निशाना बनाया गया। जहाज में जोरदार धमाका हुआ और उसके इंजन रूम में आग लग गई। कुछ समय के लिए जहाज की गतिविधियां भी रुक गईं। लेकिन राहत की बात यह रही कि जहाज पर मौजूद सभी 27 भारतीय सुरक्षित हैं। अब इस हमले में जिस हथियार का नाम सामने आया है, वह है लिम्पेट माइंस। आखिर ये लिम्पेट माइंस क्या होती हैं? जहाज पर हमला कहां हुआ? किसने किया और क्या इसके पीछे ईरान का हाथ है? आइए पूरी खबर समझते हैं।

सबसे पहले जानते हैं कि हमला किस जहाज पर हुआ। इस तेल टैंकर का नाम MT LOUISE 1 है। यह पनामा के झंडे के साथ समुद्र में सफर कर रहा था और इसमें 27 भारतीय नाविक सवार थे। 30 अक्टूबर को ओमान के खासाब इलाके से करीब 46 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में इस जहाज को निशाना बनाया गया। ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी UKMTO ने इस घटना की जानकारी दी। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एक छोटी नाव टैंकर के पास पहुंची और जहाज के बाहरी हिस्से पर दो विस्फोटक उपकरण लगाए गए। इसके बाद धमाके हुए और इंजन रूम में आग लग गई।

हालांकि जहाज पर मौजूद कर्मचारियों ने आग पर काबू पा लिया। किसी भारतीय नाविक के घायल होने की खबर नहीं है और समुद्र में तेल फैलने की भी जानकारी सामने नहीं आई। आग बुझने के बाद जहाज ने अपना सफर दोबारा शुरू कर दिया।
अब सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर इस हमले के पीछे किसका हाथ है? क्या ईरान ने इस जहाज को निशाना बनाया या किसी दूसरे देश की इसमें भूमिका है? फिलहाल हमले की जिम्मेदारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया है कि होर्मुज में प्रतिबंधित रास्तों से गुजरने वाले कई तेल टैंकरों को रोका गया और कुछ जहाजों में आग लगने की घटनाएं हुईं। ईरान का कहना है कि वह इस समुद्री रास्ते पर अपने प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वाले जहाजों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। लेकिन MT LOUISE 1 पर हुए हमले के पीछे सीधे ईरान का हाथ होने की पुष्टि अभी नहीं हुई है। अब आपको बताते हैं इस खबर का दूसरा बड़ा पहलू। इस हमले से एक दिन पहले यानी 29 अक्टूबर को एक और तेल टैंकर MT ARZANAH पर हमला हुआ था। यह लाइबेरिया के झंडे वाला बड़ा तेल टैंकर था और इसमें दो भारतीय नागरिक मौजूद थे। इस जहाज पर प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ। इस तरह दो अलग-अलग जहाजों पर हमले की घटनाओं में कुल 29 भारतीय नाविक और कर्मचारी मौजूद थे। केंद्रीय जहाजरानी मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने जानकारी दी कि दोनों जहाजों पर मौजूद सभी 29 भारतीय सुरक्षित हैं और किसी को चोट नहीं आई है।