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 ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग कार्यक्रम कल होगा: राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे होंगे शामिल

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 ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग कार्यक्रम कल होगा: राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे होंगे शामिल

INDIA LIVE: नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी INDIA गठबंधन ने अपने विरोध अभियान को और तेज करने की तैयारी कर ली है। शुक्रवार, 30 अक्टूबर को दिल्ली में प्रस्तावित ‘जन महाभियोग’ कार्यक्रम खराब मौसम और लगातार बारिश के कारण स्थगित कर दिया गया। अब यह कार्यक्रम शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को आयोजित किया जाएगा। विपक्षी गठबंधन के नेताओं ने इसकी पुष्टि की है। इस कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

खरगे के आवास पर होगा कार्यक्रम

जानकारी के मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित होने वाला यह प्रतीकात्मक जन महाभियोग कार्यक्रम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के दिल्ली स्थित सरकारी आवास, 10 राजाजी मार्ग पर आयोजित किया जाएगा। पहले इस कार्यक्रम को शुक्रवार को आयोजित करने की योजना थी, लेकिन दिल्ली में बारिश के कारण विपक्षी नेताओं ने इसे एक दिन आगे बढ़ाने का फैसला किया।

इस कार्यक्रम की अध्यक्षता लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार करेंगी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रतीकात्मक प्रस्ताव पेश करेंगे, जबकि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी कार्यक्रम के समापन पर अपना संबोधन देंगे।

21 राजनीतिक दलों के नेताओं की भागीदारी

इस आयोजन में INDIA गठबंधन के करीब 21 राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की योजना है। कार्यक्रम में लगभग 30 वक्ता अपनी बात रख सकते हैं। इनमें विपक्षी दलों के सांसद, वरिष्ठ नेता और नागरिक समाज से जुड़े प्रतिनिधि शामिल होंगे।

विपक्ष इस मंच के माध्यम से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित वोट चोरी जैसे मुद्दों को उठाने की तैयारी में है। गठबंधन का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान कई जगहों पर पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। विपक्ष इन मामलों में चुनाव आयोग से जवाब मांग रहा है।

SIR और वोट चोरी पर विपक्ष का हमला

पिछले कुछ समय से कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। इसी मुद्दे को लेकर INDIA गठबंधन लगातार सरकार और चुनाव आयोग पर राजनीतिक दबाव बना रहा है।

विपक्षी नेताओं का कहना है कि लोकतंत्र में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव बेहद जरूरी हैं। मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय हो सकती है। हालांकि, विपक्ष की ओर से लगाए गए इन आरोपों को अभी आरोपों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

1 नवंबर को रामलीला मैदान में बड़ी रैली

जन महाभियोग कार्यक्रम के अगले दिन यानी 1 नवंबर को INDIA गठबंधन दिल्ली के रामलीला मैदान में एक बड़ी रैली आयोजित करने जा रहा है। इस रैली में भी SIR, कथित वोट चोरी और चुनावी पारदर्शिता के मुद्दे प्रमुखता से उठाए जाएंगे। विपक्ष की कोशिश है कि इन मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा राजनीतिक अभियान बनाया जाए।

क्या ज्ञानेश कुमार की कुर्सी पर पड़ेगा असर?

यहां यह समझना जरूरी है कि विपक्ष का ‘जन महाभियोग’ कार्यक्रम संसद की संवैधानिक महाभियोग प्रक्रिया नहीं है। यह एक प्रतीकात्मक राजनीतिक आयोजन है, जिसके जरिए विपक्ष अपनी मांगों और आरोपों को सार्वजनिक मंच पर रखेगा। इससे मुख्य चुनाव आयुक्त को सीधे पद से नहीं हटाया जा सकता।

संविधान के अनुच्छेद 324(5) के तहत मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश को हटाने जैसी निर्धारित संसदीय प्रक्रिया अपनानी होती है।

अब सभी की निगाहें 31 अक्टूबर के कार्यक्रम पर टिकी हैं। देखना होगा कि विपक्ष इस आयोजन के जरिए चुनाव आयोग पर कितना राजनीतिक दबाव बना पाता है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर केंद्र सरकार तथा चुनाव आयोग की क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।

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