
पुलिस ने साथ ही दोनों को धारा 144 के उल्लंघन के लिए नोटिस भी थमा दिया है। ये दोनों कोरोना वायरस की महामारी के बीच थाली और ताली बजाकर सीएम हाउस पर विरोध प्रदर्शन करने जा रही थीं
शहर के घंटाघर पर नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान मुख्य भूमिका में रहीं उजमा ने कहा कि यह संविधान का हनन है उन्होंने आरोप लगाया कि कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार को रोकने में केंद्र की मोदी सरकार और सूबे की योगी सरकार, दोनों ही सरकारें पूरी तरह विफल रही हैं
उजमा ने आरोप लगाया कि महामारी के दौर में बेरोजगारी भी बढ़ी है। हम सरकार को यह बताने जा रहे हैं तो हाउस अरेस्ट कर लिया जाता है और धारा 144 के उल्लंघन का नोटिस थमा दिया जाता है
यह पूरी तरह से अनैतिक है। वहीं, मशहूर शायर मुनव्वर राणा की बेटी सुमैया राणा ने कहा कि सरकार ने थाली बजवाई थी और कहा था कि इससे कोरोना संक्रमण खत्म हो जाएगा। हमारे थाली और ताली बजाने का मकसद सरकार को यह याद दिलाना है
सुमैया ने कहा कि ताली और थाली बजाने से करोना संक्रमण तो दूर नहीं हुआ, लेकिन लोगों की थाली से खाने के सामान जरूर गायब हो गए। अब गरीब महिलाएं थाली बजाकर सरकार को यही एहसास कराना चाहती हैं
वहीं, इस संबंध में लखनऊ के संयुक्त पुलिस कमिश्नर नीलाब्जा चौधरी ने कहा है कि कोरोना संक्रमण के कारण प्रदेश में धारा 144 लागू है। संयुक्त पुलिस कमिश्नर ने कहा कि प्रदेश में धारा 144 लागू होने के कारण किसी भी प्रकार के धरना-प्रदर्शन, रैली के आयोजन पर पूरी तरह से रोक है।